फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी : थारू जनजाति की छात्रा को हिजाब पहनने को मजबूर किया, पुलिस पहले कर रही थी मैनेज; अब आया नया मोड़...

Tue, 18 Nov 2025 10:14 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच

सार

बहराइच में थारू जनजाति की छात्रा को हिजाब पहनने और धमकी देने के मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस द्वारा शांतिभंग के आरोप में दो लोगों को जेल भेजा गया है। थारू समाज ने पुलिस पर मामले को दबाने और बयान बदलवाने का आरोप लगाकर आंदोलन और मुख्यमंत्री से मिलने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बहराइच के थारू जनजाति की छात्रा पर तेजाब फेंकने की धमकी देने और हिजाब पहनने के लिए मजबूर करने के मामले में मंगलवार को नया मोड़ आ गया। पुलिस ने शांतिभंग की आशंका में जिस मस्जिद के इमाम व युवक का चालान किया था, उसे एसडीएम मिहींपुरवा की कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान जमानत अर्जी खारिज करते हुए कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। 

विज्ञापन


इस गंभीर मामले में सुजौली पुलिस ने बस शांतिभंग की आशंका में बिछिया बाजार में रह रहे सुल्तानपुर निवासी इमाम मेहताब और बिछिया बाजार निवासी सुल्तान को हिरासत में लिया था। मंगलवार को पुलिस ने दोनों को एसडीएम राम दयाल की कोर्ट में पेश किया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एसडीएम ने दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

 

सीएम से मिलेगी थारू जनजाति समाजोत्थान समिति

अब मामले के अहम पहलू पर आते हैं। गंभीर मामले में जिस तरह से पुलिस ने बस शांतिभंग की आशंका में कार्रवाई की उस पर सवाल उठाते हुए थारू जनजाति समाजोत्थान समिति ने आंदोलन की चेतावनी दी है। 

मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा है। ऐसे में मामले को मैनेज करने में जुटे पुलिसकर्मियों की मुश्किल बढ़ सकती है। संगठन से जुड़े अमित चौधरी का कहना है कि पुलिस ने मनमानी की है। पहले तो जांच के नाम पर मामले को दबाने का प्रयास किया। बात बढ़ी तो किसी तरह से शांतिभंग की आशंका में कार्रवाई का कोरम पूरा कर दिया।

तो छात्रा व परिजनों पर भी बनाया दबाव

अमित के अनुसार छात्रा और परिजनों पर दबाव बनाकर बयान बदलवाने का प्रयास हुआ। कहा जा रहा है छात्रा ने भूल से हिजाब पहन लिया था। संवेदनशील क्षेत्र में थारू समाज की महिलाओं और बेटियों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। यह गलत है। ऐसा नहीं होना चाहिए। हाल के दिनों में क्षेत्र में धर्म परिवर्तन के तीन मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन कार्रवाई किसी में भी नहीं हुई। हर बार शिकायत पर पुलिस ऐसे ही मामले को नया रूप दे देती है।

 

तो इसलिए संवेदनशील है यह मामला

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार थारू जनजाति की युवतियां धर्मांतरण गिरोह के निशाने पर हैं। नेपाल से सटे इनकी आबादी सुरक्षा के लिहाल से बेहद अहम है। इस कारण इनका पहले भी धर्मांतरण का प्रयास हो चुका है। हाल के दिनों में ईसाई मिशनरियों ने भी इन्हें अपने प्रभाव में लिया है। बलरामपुर से पकड़े गए छांगुर ने भी इनके बीच मजबूत नेटवर्क तैयार किया था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार छांगुर के प्रभाव में आकर तीन थारू युवतियों ने धर्म परिवर्तन कर निकाह किया है।

मामले को ऐसे मैनेज किया गया

  • शिकायत के बाद पुलिस ने पहले आरोपियों की शिनाख्त नहीं होने की जानकारी देती रही।
  • बाद में मोबाइल नंबर का बहाना बनाया गया।
  • डीजीपी कार्यालय ने संज्ञान लिया तो बस शांतिभंग की आशंका में चालान किया गया।
  • बयान दर्ज कराने से पहले ही परिजनों पर दबाव बनाकर छात्रा को रिश्तेदारी में भेज दिया गया।
 
विज्ञापन

...और अब यह आशंका

मामला लखनऊ तक पहुंचने से पुलिस अब सतर्क हो गई है। छात्रा के बदले बयान को ढाल बनाकर सुजौली थाने में अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार छात्रा पक्ष व थारू जनजाति समाजोत्थान समिति के कुछ लोगों पर धार्मिक भावना भड़काने का आरोप लगाकर कार्रवाई की जा सकती है। मामले को दबाने के लिए गिरफ्तारी का भी प्रयास हो सकता है।

पक्ष - 1

गलती से पहना हिजाब : सीओ
मिहींपुरवा सर्किल की क्षेत्राधिकारी हर्षिता तिवारी के अनुसार छात्रा ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा है। छात्रा ने कहा है कि उसने भूलवश हिजाब पहन लिया था और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करेगी। सीओ के अनुसार उसने यह भी बताया कि वह किसी के विरुद्ध कार्रवाई नहीं चाहती।

पक्ष-2

सहमी हुई थी छात्रा
किसान पीजी कॉलेज बहराइच  सचिव प्रबंध समिति के मेजर डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि बीए प्रथम सेमेस्टर में पढ़ने वाली थारू छात्रा के हिजाब पहनने और चेहरे पर तेजाब फेंकने की धमकी के मामले की सूचना कॉलेज की शिक्षिका ने दी। हमने बातचीत की तो छात्रा सहमी हुई थी। बाद में डर के मारे उसने विद्यालय आना भी बंद कर दिया। तब एसपी से मिलकर मामले की जानकारी दी।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें