सीएम से मिलेगी थारू जनजाति समाजोत्थान समिति
अब मामले के अहम पहलू पर आते हैं। गंभीर मामले में जिस तरह से पुलिस ने बस शांतिभंग की आशंका में कार्रवाई की उस पर सवाल उठाते हुए थारू जनजाति समाजोत्थान समिति ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा है। ऐसे में मामले को मैनेज करने में जुटे पुलिसकर्मियों की मुश्किल बढ़ सकती है। संगठन से जुड़े अमित चौधरी का कहना है कि पुलिस ने मनमानी की है। पहले तो जांच के नाम पर मामले को दबाने का प्रयास किया। बात बढ़ी तो किसी तरह से शांतिभंग की आशंका में कार्रवाई का कोरम पूरा कर दिया।
तो छात्रा व परिजनों पर भी बनाया दबाव
अमित के अनुसार छात्रा और परिजनों पर दबाव बनाकर बयान बदलवाने का प्रयास हुआ। कहा जा रहा है छात्रा ने भूल से हिजाब पहन लिया था। संवेदनशील क्षेत्र में थारू समाज की महिलाओं और बेटियों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। यह गलत है। ऐसा नहीं होना चाहिए। हाल के दिनों में क्षेत्र में धर्म परिवर्तन के तीन मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन कार्रवाई किसी में भी नहीं हुई। हर बार शिकायत पर पुलिस ऐसे ही मामले को नया रूप दे देती है।
तो इसलिए संवेदनशील है यह मामला
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार थारू जनजाति की युवतियां धर्मांतरण गिरोह के निशाने पर हैं। नेपाल से सटे इनकी आबादी सुरक्षा के लिहाल से बेहद अहम है। इस कारण इनका पहले भी धर्मांतरण का प्रयास हो चुका है। हाल के दिनों में ईसाई मिशनरियों ने भी इन्हें अपने प्रभाव में लिया है। बलरामपुर से पकड़े गए छांगुर ने भी इनके बीच मजबूत नेटवर्क तैयार किया था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार छांगुर के प्रभाव में आकर तीन थारू युवतियों ने धर्म परिवर्तन कर निकाह किया है।
मामले को ऐसे मैनेज किया गया
- शिकायत के बाद पुलिस ने पहले आरोपियों की शिनाख्त नहीं होने की जानकारी देती रही।
- बाद में मोबाइल नंबर का बहाना बनाया गया।
- डीजीपी कार्यालय ने संज्ञान लिया तो बस शांतिभंग की आशंका में चालान किया गया।
- बयान दर्ज कराने से पहले ही परिजनों पर दबाव बनाकर छात्रा को रिश्तेदारी में भेज दिया गया।
...और अब यह आशंका
मामला लखनऊ तक पहुंचने से पुलिस अब सतर्क हो गई है। छात्रा के बदले बयान को ढाल बनाकर सुजौली थाने में अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार छात्रा पक्ष व थारू जनजाति समाजोत्थान समिति के कुछ लोगों पर धार्मिक भावना भड़काने का आरोप लगाकर कार्रवाई की जा सकती है। मामले को दबाने के लिए गिरफ्तारी का भी प्रयास हो सकता है।
पक्ष - 1
गलती से पहना हिजाब : सीओ
मिहींपुरवा सर्किल की क्षेत्राधिकारी हर्षिता तिवारी के अनुसार छात्रा ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा है। छात्रा ने कहा है कि उसने भूलवश हिजाब पहन लिया था और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करेगी। सीओ के अनुसार उसने यह भी बताया कि वह किसी के विरुद्ध कार्रवाई नहीं चाहती।
पक्ष-2
सहमी हुई थी छात्रा
किसान पीजी कॉलेज बहराइच सचिव प्रबंध समिति के मेजर डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि बीए प्रथम सेमेस्टर में पढ़ने वाली थारू छात्रा के हिजाब पहनने और चेहरे पर तेजाब फेंकने की धमकी के मामले की सूचना कॉलेज की शिक्षिका ने दी। हमने बातचीत की तो छात्रा सहमी हुई थी। बाद में डर के मारे उसने विद्यालय आना भी बंद कर दिया। तब एसपी से मिलकर मामले की जानकारी दी।