भरथापुर नौका हादसे के पीड़ित परिवारों के पुनर्वास की कवायद शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा एक माह के भीतर विस्थापितों को बसाने की घोषणा के बाद प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सेमरहना गांव में 1.704 हेक्टेयर भूमि का चयन किया है। इसी भूमि पर 118 परिवारों के लिए सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त कॉलोनी बसाई जाएगी।
सेमरहना गांव की यह भूमि नानपारा–लखीमपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित है, जिससे बाजार, विद्यालय और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था होगी। प्रशासन की योजना के अनुसार कॉलोनी में सड़क, बिजली, जलापूर्ति, शौचालय, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। हर प्रभावित परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर, बिजली कनेक्शन और भूमि का पट्टा प्रदान किया जाएगा।
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा, एक माह के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने सीडीओ, एसडीएम और राजस्व विभाग की टीमों को नियमित मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी है। डीएम ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी 118 परिवारों को शीघ्र आवास और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
भरथापुर के विस्थापित परिवारों में इस निर्णय के बाद राहत और उम्मीद की लहर है। लंबे समय से पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीण अब अपने स्थायी घर के सपने को साकार होने की आश संजोए हुए हैं।
सेमरहना गांव में जो जमीन चयनित हुई है उस जमीन के दायरे में बाबूराम, राधाकृष्ण, रामजतन, जगदीश, कैलाश के मकान बसे हुए हैं, तहसील के अधिकारियों ने बताया कि चयनित जमीन में जिन लोगों के कच्चे व पक्के घर बने हैं वह इसी जमीन पर बसे रहेंगे।