बहराइच के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की मोतीपुर रेंज में लकड़ी लेने जंगल गए 75 वर्षीय उस्मान की बाघ के हमले में मौत हो गई। शनिवार शाम घर से निकले वृद्ध का शव रविवार को झाड़ियों में मिला। वन विभाग और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज में जंगल से लकड़ी लेने गए 75 वर्षीय वृद्ध की बाघ के हमले में मौत हो गई। शनिवार शाम जंगल गए वृद्ध देर रात तक घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला। रविवार को दोबारा तलाश के दौरान जंगल के अंदर झाड़ियों में उनका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।
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जानकारी के अनुसार, मोतीपुर रेंज की ग्राम पंचायत राजापुर कला के मजरा बनकटवा निवासी उस्मान (75) शनिवार शाम लकड़ी लेने जंगल गए थे। देर रात तक उनके घर नहीं लौटने पर परिजन चिंतित हो गए। उन्होंने आसपास के इलाकों में उनकी तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चल सका।
रविवार को परिजन फिर से जंगल के भीतर खोजबीन करने पहुंचे। इस दौरान घर से करीब सौ मीटर अंदर झाड़ियों में उस्मान का क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला। बाघ के हमले में उनकी मौत की आशंका जताई गई है। वृद्ध का शव मिलने की सूचना पर वन विभाग की टीम और मोतीपुर पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद जंगल से सटे गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों में बाघ की मौजूदगी को लेकर चिंता बढ़ गई है।