बहराइच में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन लखनऊ की टीम ने मंगलवार को 71 लाख 85 हजार 600 रुपये के अनुदान गबन के मामले में अवध फर्टिलाइजर लिमिटेड, मिहींपुरवा के निदेशक को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था। टीम ने उसे ग्रेटर नोएडा वेस्ट से दबोचा।
मेसर्स अवध फर्टिलाइजर लिमिटेड मिहींपुरवा, बहराइच पर आरोप है कि कंपनी ने रॉक फॉस्फेट की फर्जी आपूर्ति दिखाकर और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर, भारत सरकार से अनुदान के रूप में 71,85,600 रुपये प्राप्त किए। इस संबंध में थाना मोतीपुर में वर्ष 2006 में मुकदमा दर्ज किया गया था।
राज्य सरकार द्वारा यह मामला आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्लू) को जांच के लिए सौंपा गया था। जांच में पता चला कि कंपनी के निदेशक समेत कुल 13 लोग इस गबन में शामिल थे। इनमें से दो अभियुक्तों को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
मुख्य आरोपी कंपनी के निदेशक राजकुमार मित्तल निवासी 2ई/92 नेहरू नगर, गाजियाबाद, लंबे समय से फरार चल रहा था। उसे पकड़ने के लिए ईओडब्ल्यू की टीम लगातार प्रयासरत थी। मंगलवार को ईओडब्लू लखनऊ टीम ने उसे सोसायटी ईको विलेज-01, सेक्टर-01, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, थाना विसरख, कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर से गिरफ्तार कर लिया। ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।