प्रदेश में नए शैक्षिक सत्र में जन्म प्रमाण पत्र व आधार पहचान संबंधी दस्तावेजों के अभाव में कोई बच्चा परिषदीय स्कूलों में प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने निर्देश दिया है कि बच्चों के संबंध में अभिभावक द्वारा दी गई सूचना को प्रवेश के लिए मान्य किया जाए। ताकि कोई भी बच्चा विद्यालयों में प्रवेश व पढ़ाई से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा है कि तीन साल के शत-प्रतिशत बच्चों का आंगनबाड़ी-बाल वाटिका में, छह साल के शत-प्रतिशत बच्चों का कक्षा एक में, 7 से 14 साल के सभी ड्रॉप आउट व आउट ऑफ स्कूल बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराया जाएगा। इसी तरह आंगनबाड़ी से कक्षा एक में, कक्षा पांच से छह में, कक्षा आठ से नौ में और कक्षा 10 से 11वीं में शत-प्रतिशत नामांकन कराकर उनकी पढ़ाई की निरंतरता बनाए रखनी है।
इसके लिए आशावर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्या, ईसीसीई एजुकेटर, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, कक्षा पांच, आठ व 10 के शिक्षक, बीएसए, डीआईओएस को जिम्मेदार बनाया गया है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि स्कूल चलो अभियान शुरू होने पर डीएम की अध्यक्षता में बैठक कर रणनीति तैयार की जाए। डीआईओएस व बीएसए विद्यालयों के प्रधानाचार्य व शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दें।
मुख्य सचिव ने बताया है कि अभियान के लिए समग्र शिक्षा के तहत हर जिले को पांच लाख, ब्लॉक को दस-दस हजार व विद्यालयों को 2500 रुपये विभिन्न गतिविधियों के लिए आवंटित किया जाएगा। अभियान को लेकर सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर, दीवार लेखन, रैली, प्रभात फेरी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, एलईडी वैन आदि माध्यमों से प्रचार किया जाएगा। सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधियों को अभियान से जोड़ा जाएगा।