पड़ोसी देश नेपाल की खुली सीमा का फायदा उठाते हुए तस्कर भी अपने मंसूबों को बखूबी अंजाम दे रहे है। स्थानीय एटीएस यूनिट व मूर्तिहा पुलिस ने नकली नोट के गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस के हत्थे चढ़े गोंडा व लखीमपुर खीरी जिले के निवासी दो आरोपियों के पास से 3.50 लाख भारतीय व 4.40 लाख नकली नेपाली मुद्रा बरामद की गई है। इनके पास से एक तमंचा व एक बाइक भी बरामद की गई है। पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों का भी पता लगा रही है। दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर इन्हें मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां से वह जेल भेजे गए है।
एएसपी ग्रामीण अशोक कुमार ने बताया कि मूर्तिहा पुलिस ने नकली भारतीय मुद्रा 3.5 लाख व 4.40 लाख नेपाली रुपया, एक बाइक, एक तमंचा व दो कारतूस व दो मोबाइल फोन के साथ दो आरोपियों को पकड़ा है। इनके पास से 59,630 रूपये भारतीय असली व तीन मीडिया आईकार्ड भी बरामद किए गए है। एएसपी ने बताया कि थानाध्यक्ष मुर्तिहा शशि कुमार राणा व एटीएस बहराइच यूनिट के प्रभारी एसआई रवि प्रकाश को जरिये मुखबिर खास सूचना प्राप्त हुई कि सुजौली से उर्रा से जाने वाले रास्ते से दो व्यक्ति बिना नम्बर प्लेट की बाइक से भारतीय जाली मुद्रा लेकर अपने किसी सहयोगी को देने के लिए लेकर लालबोझा 26 नम्बर पुल पर आने वाले हैं।
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सोमवार की रात मुखबिर की इस सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस टीम ने दो आरोपियों प्रीतम सिंह उर्फ सोनू उर्फ डाक्टर सिंह निवासी मझरापूरव ढखेरवा ननकौर, थाना- तिकोनिया, जनपद लखीमपुर खीरी, व अवधेश तिवारी निवासी, पूरेखेम पर्सिया, डीपी घाट, थाना वजीरगंज, जनपद गोण्डा को धर दबोचा। इन दोनों के पास मिले बैग से 3.5 लाख भारतीय रूपये नकली व 4.40 लाख नेपाली रूपये नकली बरामद किये गये।
नेपाल व भारत में खपाते है जाली नोट
एएसपी ने बताया कि एटीएस व पुलिस के हत्थे चढ़े दोनों आरोपियों से पूछताछ में पता लगा है कि यह नकली नोट का काम लंबे समय से कर रहे है। मीडिया का आईकार्ड दिखाकर यह खुद को पत्रकार बताकर पुलिस कर्मियों पर रौब भी गांठते थे। इससे बार्डर पार करने में इनको आसानी होती थी। इसके बाद यह भारतीय व नेपाली नकली नोटों को दोनों देशों में सप्लाई करने का काम करते थे।
लंबा है नेटवर्क, खंगाल रही पुलिस
भारत व नेपाल के बीच बहराइच जिले में करीब 80 किलोमीटर तक खुली सीमा है। ऐसे में यहां कुछ जगह बैरियर तो बने है लेकिन जंगल के रास्ते में बहुत कम निगरानी होती है। इसी का फायदा उठाते हुए जाली नोट व मारफीन व चरस के तस्कर अपने मंसूबों को अंजाम देते है। इनका काफी लंबा नेटवर्क है। पुलिस को पूछताछ में कई अन्य आरोपियों के बारे में पता लगा है। नेपाल व भारत दोनों जगह पर यह सक्रिय है। अब इस गिरोह के अन्य आरोपियों तक पहुंचने की पुलिस टीम हर संभव प्रयास कर रही है।