तराई में दिमागी बुखार और डेंगू जानलेवा होता जा रहा है। जिला अस्पताल में भर्ती बुखार पीड़ित दो रोगियों की बुधवार को मौत हो गई। डेंगू के तीन नये रोगी मिले हैं। इनमें दो की हालत नाजुक है। उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया है। एक रोगी का इलाज निजी चिकित्सक से चल रहा है।
तराई में बदल रहे मौसम से दिमागी बुखार और डेंगू का प्रकोप तेज हो गया है। दिमागी बुखार से पीड़ित होकर गोंडा के कटरा नयापुरवा निवासी आरती (10) पुत्री धनीराम दो दिन पूर्व जिला अस्पताल में भर्ती हुई थी। बुधवार दोपहर उसकी मौत हो गई। बौंडी के राजा बाग निवासी छोटका (70) को बुखार के करण अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
शाम को छोटका ने भी दम तोड़ दिया। वहीं, डेंगू रोगियों की संख्या में भी निरंतर इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल में नेपाल के बांके निवासी गणेश थापा को परीक्षण के दौरान डेंगू होने की पुष्टि हुई।
इकौना के शुक्लनपुरवा निवासी बालकराम (42) को भी डेंगू की पुष्टि हुई है। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने दोनों को लखनऊ रेफर कर दिया है। शहर के मोहल्ला खत्रीपुरा निवासी आरती श्रीवास्तव (65) के रक्त परीक्षण में भी प्लेटलेट्स की संख्या 70 हजार के आसपास मिला है। इससे डेंगू की पुष्टि हुई। उनका इलाज निजी चिकित्सक से चल रहा है।