बहराइच/बौंडी। दो नर्सिंग होम के चिकित्सकों की सलाह पर निजी लैब से कराई गई जांच में दो महिलाओं के पॉजिटिव होने की पुष्टि के बाद दोनों परिवारों को करीब 72 घंटे तक मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। वहीं हॉटस्पाट बनने से करीब तीन हजार की आबादी भी मुश्किलों से घिर गई। अब सरकारी लैब से आई रिपोर्ट में निगेटिव की पुष्टि पर सभी ने राहत की सांस ली है।
शहर के मोहल्ला बख्शीपुरा निवासी एक गर्भवती महिला का ऑपरेशन किया जाना था। उसकी कोरोना जांच एक निजी लैब से कराई गई। रिपोर्ट में महिला को पॉजिटिव बताया गया। उधर बौंडी के केलागांव की एक वृद्ध महिला का भी सैंपल जांच में पॉजिटिव करार दिया गया। इसकी सूचना के बाद दोनों इलाकों को हॉटस्पाट घोषित कर दिया गया। इसके साथ ही दोनों महिलाओं का इलाज करने वाले केडिया हास्पिटल और सायरा हास्पिटल को भी सील कर दिया गया।
उधर पॉजिटिव होने की बात सामने आने के बाद दोनों महिलाओं के परिवार भी मानसिक दबाव में आ गये। इसके बाद सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह ने लखनऊ में सरकारी लैब से दोनों की जांच करवाई तो दोनों को निगेटिव बताया गया। इस बारे में दोनों परिवारों से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने बताया कि कोरोना पॉजिटिव की बात सामने आने पर दूरदराज के रिश्तेदारों के फोन आने शुरू हो गये। प्रशासनिक अधिकारियों भी तरह-तरह की पूछताछ कर रहे थे।
मानसिक दबाव काफी रहा। पर करीब 72 घंटे बाद जब निगेटिव रिपोर्ट मिली, तो सभी ने राहत की सांस ली। प्रशासन की ओर से दोनों इलाकों को हॉटस्पाट बनाए जाने के कारण करीब तीन हजार की आबादी को मुश्किल उठानी पड़ रही है।
एक्सरे व अल्ट्रासाउंड सेंटर भी सील
निजी लैब की रिपोर्ट में कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि होने के बाद महिलाओं ने जिन एक्सरे व अल्ट्रासाउंड सेंटर में जांच कराई थी उन्हें भी सील कर दिया गया है। यहां के कर्मचारियों को भी क्वारंटीन किया गया था। ऐसे में इन सभी को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। चिकित्सकों में भी बिना सही जांच कार्रवाई किए जाने से आक्रोश है।
मांगी गई है रिपोर्ट
सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह ने बताया कि निजी लैब द्वारा जिस सैंपल और किट से जांच की गई है। पूरी रिपोर्ट के साथ स्पष्टीकरण मांगा गया है। अगर सही जवाब नहीं मिला तो कार्रवाई की जाएगी।