बहराइच के पुलिस लाइन स्थित साइबर थाना। -संवाद
बहराइच। साइबर अपराधियों ने धोखे का ऐसा जाल बुना कि सतीश ग्रामोद्योग संस्थान के दो कर्मचारियों से फोन-पे के जरिये करीब 37 लाख रुपये ठग लिए। अब इन्वेस्टमेंट के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपये की और मांग कर दी। इन्कार करने पर पीड़ित और उसकी सहयोगी महिला कर्मचारी को जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित की तहरीर पर साइबर क्राइम थाना में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पीड़ित सतीश तिवारी मूल रूप से गोंडा जिले के करनैलगंज पैरोरी गांव के निवासी हैं, वह इस समय शहर के रायपुर राजा नौवागढ़ी मोहल्ले में रहते हैं। पुलिस को तहरीर देकर उन्होंने बताया कि दिसंबर 2024 में एक व्यक्ति ने खुद को विजय पटेल बताकर फोन किया और गुजरात स्थित अपनी इन्वेस्टमेंट कंपनी यूपोजा प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड में खाता खुलवाने का दबाव बनाया।
यह भी कहा कि हर सप्ताह जमा धनराशि का लाभ खाते में भेज दिया जाएगा। सतीश का कहना है कि पहले विरोध किया, लेकिन दबाव में आकर 8 जनवरी, 2025 को संस्थान में प्रोजेक्ट को-आर्डिनेटर के पद पर तैनात रचना सिंह को दस्तावेज और ऑनलाइन 20 हजार रुपये देकर खाता खुलवा दिया।
इसके बाद 27 फरवरी को सतीश ने खुद का खाता भी 20 हजार रुपये देकर खुलवा लिया। आरोप है कि इसके बाद इन्वेस्टमेंट कंपनी के आरोपी विजय पटेल, राजीव उर्फ समीर और अभिषेक नाम के युवकों ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से फोन-पे के जरिये सितंबर तक विभिन्न खातों में कुल 37 लाख रुपये जमा करवा लिया, लेकिन लाभ की राशि नहीं दी। बार-बार रकम बढ़ा कर निवेश करने को कहा जाता रहा।
शुक्रवार को जब आरोपियों ने डेढ़ करोड़ रुपये और मांगे तो सतीश को शक हुआ और रुपये देने से मना कर दिया। इस पर आरोपियों ने धमकी दी कि रकम न देने पर वह उसे और उसकी सहयोगी महिला को बहराइच से उठवा लेगा और जान से भी मार देगा।
परेशान सतीश ने पूरे मामले की शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर की। इसके बाद शनिवार को पुलिस लाइन स्थित साइबर थाने में पहुंचकर तहरीर दी। साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक उपेंद्र यादव ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।