जिला अस्पताल में भर्ती दिमागी बुखार पीड़ित एक बालिका समेत दो लोगों की गुरुवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। एक बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज, लखनऊ रेफर कर दिया गया। 13 अन्य रोगी भर्ती हुए जिनमें तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है।
तराई में दिमागी बुखार का प्रकोप जानलेवा बन चुका है। पीड़ितों के मरने का सिलसिला थम नहीं रहा है। दो दिन पूर्व दिमागी बुखार से पीड़ित नेपाल निवासी मंजरी (5) पुत्री दिलबहादुर को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। उसे तेज बुखार के साथ झटके आ रहे थे।
गुरुवार सुबह मंजरी की तबीयत बिगड़ने पर उसे लखनऊ ले जाने की सलाह डाक्टरों ने दी। परिवारीजन लखनऊ जाने की तैयारी कर रहे थे तभी बालिका ने दम तोड़ दिया। उधर बुखार पीड़ित सोनवा निवासी कमला देवी (40) पत्नी तीरथराम की भी इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई।
दिमागी बुखार पीड़ित नानपारा के बल्दीराम पुरवा निवासी सचिन (13) पुत्र लायकराम की हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज, लखनऊ रेफर कर दिया। बुखार, उल्टी-दस्त व अन्य संक्रामक बीमारियों से पीड़ित 13 और रोगी जिला अस्पताल में भर्ती किए गए।
इनमें पयागपुर निवासी रामू (8), सुशीला (6) और महसी निवासी बबली (4) की हालत नाजुक बताई जा रही है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. केके वर्मा ने बताया कि मौसम में परिवर्तन के चलते दिमागी बुखार का प्रकोप बढ़ा है।