बहराइच। जाली नोटों के कारोबार समेत आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त गिरोह के मामले में पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट सुनील प्रसाद ने दो दोषियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि प्रीतम सिंह उर्फ सोनू सिंह उर्फ डॉक्टर सिंह के नेतृत्व में सक्रिय आपराधिक गिरोह संचालित है। इसमें अवधेश तिवारी भी सक्रिय सदस्य के रूप में शामिल था। आरोप था कि सभी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त थे और जाली नोटों के कारोबार से अवैध धन अर्जित करते थे। सूचना के आधार पर कोतवाली मुर्तिहा में गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
तत्कालीन विवेचक निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह ने विवेचना पूरी कर 29 जनवरी 2024 को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय ने 7 मार्च 2024 को दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए। अदालत ने बुधवार को सुनवाई करते हुए लखीमपुर खीरी निवासी प्रीतम सिंह उर्फ सोनू सिंह उर्फ डॉक्टर सिंह तथा गोंडा निवासी अवधेश तिवारी को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और दो-दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक दोषी को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।