मिहींपुरवा। लखीमपुर खीरी जिले की निघासन तहसील क्षेत्र में वन विभाग ने रोहिणी फल की भूसी से लदा ट्रक पकड़ा। इसमें 300 बोरी भूसी मिली। वन उपज मानते हुए पकड़े गए माल को जांच के लिए कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग को सौंप दिया गया है। मामले की जांच मोतीपुर वन रेंज के अधिकारी कर रहे हैं।
मिहींपुरवा की नेचुरल प्रोडक्ट फर्म के प्रोपराइटर ताहिर और शाहपुरवा गायघाट निवासी अनिल सोनी की ओर से यह माल गाजियाबाद स्थित आरती धूप फर्म के कार्यालय भेजा जा रहा था। व्यापारी के अनुसार, माल बिक्री रसीद, जीएसटी बिल और ई-वे बिल के साथ भेजा जा रहा था।
पूछताछ में अनिल सोनी ने बताया कि उनकी फर्म ने ग्रामीण क्षेत्रों से रोहिणी के फल खरीदकर उनके बीज और भूसी अलग की थी। इसके बाद नियमानुसार कर जमा कर माल बेचा गया। वन विभाग ने इस दावे की पुष्टि के लिए ग्रामीणों से फल खरीदने के साक्ष्य मांगे हैं।
कतर्नियाघाट के प्रभागीय वनाधिकारी अपूर्व दीक्षित ने बताया कि रोहिणी का फल वन क्षेत्र और ग्रामीण इलाकों, दोनों जगह पाया जाता है। व्यापारी ने ग्रामीणों से फल खरीदने की बात कही है। इसके प्रमाण उपलब्ध न कराने पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा।