बहराइच। तराई में शनिवार की रात से लेकर रविवार की शाम तक झमाझम बरसात हुई। तेज हवा के साथ बरसात होने के कारण कई स्थानों पर पेड़ धराशायी हो गए तो कुछ जगहों पर बिजली के खंभे गिर गए। कई जगह घरों में पानी भर गया। वहीं सड़कों पर जलभराव के कारण लोगों का आवागमन में दिक्कतें हुईं। बिजली गुल रहने से लोगों को अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ा। ग्रामीण इलाकों में हालात और खराब रहे। जिले में लगभग 70 मिलीमीटर बरसात रिकॉर्ड की गई है।
तराई में शनिवार रात से ही मौसम ने करवट ले ली। रात को अचानक तेज हवाएं चलनी शुरू हो गईं। इसके बाद तेज बरसात का दौर जारी हुआ। रात से लेकर सुबह तक झमाझम बरसात होती रही। बरसात के कारण सड़कों पर दो फुट से अधिक पानी भर गया। रविवार की सुबह से लेकर दोपहर तक भी बरसात जारी रही।
शहर में नालों की सफाई नहीं किए जाने के कारण हालात बदतर रहे। तेज हवाओं के साथ बरसात होने के कारण जिले के तेजवापुर, फखरपुर, हुजूरपुर आदि इलाकों में कई स्थानों पर पेड़ धराशायी हो गए। शहर के मोहल्ला नाजिरपुरा में लोहिया चौराहे के निकट लगा बिजली का खंभा भी तेज बरसात के कारण टूटकर गिर गया। मोहल्ला निवासी मुश्ताक अहमद के मकान पर गिरते ही हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पावर कार्पोरेशन की ओर से आपूर्ति बंद कर दी गई।
करीब दस घंटे तक मोहल्ले की बिजली आपूर्ति ठप रही। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि बरसात के कारण तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। जिले में करीब 70 मिलीमीटर बरसात रिकॉर्ड की गई है।
खेतों में पानी भरने से धान की रोपाई शुरू
बहराइच। जिले में हुई तेज बरसात से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। ग्रामीण इलाकों में झमाझम हुई बरसात के कारण खेतों में पानी भर गया है, जिसके बाद किसानों को धान की रोपाई करने का सही समय मिला है। किसानों ने खेतों में धान की रोपाई शुरू करा दी है। कोरोना की दहशत के बीच तराई में हो रही बरसात से किसान खुश नजर आ रहे हैं। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि धान की रोपाई किए जाने का सही मौका है। किसानों को समय से रोपाई शुरू कर देनी चाहिए। वहीं जिन किसानों के खेत अभी तैयार नहीं हैं। वह धूप निकलते ही खेत की जोताई शुरू कर दें। बरसात को देखते हुए अच्छा उत्पादन होने की संभावना है।