विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारत व नेपाल के बीच आवागमन के लिए खुली सीमा शनिवार को सुबह सील कर दी गई, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। यह स्थिति सोमवार शाम पांच बजे तक रहेगी। जिले में मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सीमा पर आवागमन बहाल किया जाएगा।
बहराइच जिले से नेपाल की 100 किलोमीटर की सीमा सटी हुई है। यह सीमा खुली है। इसके चलते दोनो देशों के नागरिकों का आवागमन होता है। नेपाल की खुली सीमा का लाभ उठाकर कभी-कभी अराजकतत्व भी घुसपैठ की फिराक में रहते हैं। जिले में पांचवें चरण में 27 फरवरी को मतदान होना है। इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
उसी के तहत शनिवार को सुबह 48 घंटे के लिए भारत-नेपाल की खुली सीमा सील कर दी गई है। सुबह छह बजे से आदेश प्रभावी हो गया है। सीमा पर आवागमन रोकने की कार्रवाई के पूर्व शुक्रवार शाम एसएसबी के कमांडेंट गजराज सिंह ने नेपाल के अधिकारियों के साथ रुपईडीहा बीओपी के सभागार में बैठक की। जिसमें नेपाल के एसपी टेक प्रसाद राई, एपीएफ के डीएसपी चित्रांगत दहल, इंस्पेक्टर प्रमोद क्षेत्री के बीच लगभग आधा घंटे वार्ता हुई।
दोनों देशों के अधिकारियों में चुनाव के दौरान सीमा सुरक्षा पर सहमति बनी। इस मौके पर भारतीय अधिकारियों में एसएसबी के सहायक सेनानायक अजय यादव, दिनेश कुमार सिंह, जे बसुमती आदि भी मौजूद रहे।
बैठक के बाद कमांडेंट ने सीमा क्षेत्र का मुआयना भी किया। उन्होंने आयोग के नियमों का अक्षरश: पालन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि रुपईडीहा के मुख्य द्वार पर आवागमन रोकने के साथ ही ग्रामीण अंचलों में पंगडंडियों व चकरोड पर आवागमन पर अंकुश लगाने के लिए एएसएबी के जवान निरंतर गश्त कर रहे हैं। सीमा सील होने के बाद चौकसी और बढ़ा दी गई है।
सहायक सेनानायक अजय कुमार ने बताया कि सीमा सील होने के बाद सुबह दोनों ओर लोगों की काफी भीड़ लग गई थी। इस पर निर्वाचन कार्यालय को मामले से अवगत कराया गया। अधिकारियों के निर्देश पर सिर्फ शाम छह बजे तक के लिए दोनों देशों के बीच पैदल आवागमन करने वालों को छूट दी गई है, लेकिन रविवार सुबह से सीमा क्षेत्र में परिंदा पर नहीं मार सकेगा।