बहराइच। रिसिया थाना पुसिस और फील्ड यूनिट की संयुक्त टीम ने घर से लापता हुए किशोर की हत्या का खुलासा किया है। पुलिस ने रविवार को 10 दिन से गायब गायत्री नगर निवासी किशोर की हत्या के मामले में ट्रैक्टर मालिक समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर किशोर के कपड़े और रोटावेटर से शरीर के किए गए 17 टुकड़ों को बरामद किया। मामले का खुलासा एसपी वृंदा शुक्ला ने सोमवार को पुलिस कार्यालय में किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जहां से उनको जेल भेजा गया है।
एसपी ने पकड़े गए हत्यारोपियों का खुलासा करते हुए बताया बीती छह दिसंबर को गायत्री नगर निवासी मुनिजर का 15 वर्षीय बेटा विक्रम काम पर गया था और वापस नहीं लौटा था। पुलिस गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर तलाश कर रही थी। इसी दौरान टीम ने रविवार को ट्रैक्टर मालिक सिसई सलोन निवासी संजय वर्मा और उसके सहयोगी लवकुश को पकड़कर पूछताछ की तो उन लोगों ने बताया वे लोग छह दिसंबर को खेत जोत रहे थे।
इसी दौरान किशोर ट्रैक्टर पर बैठा था। अचानक वह ट्रैक्टर से गिर गया और रोटावेटर में फंस गया। इस दौरान आरोपियों ने किशोर को बचाने के बजाए ट्रैक्टर चलाते हुए रोटोवेटर से किशोर के शरीर के छोटे-छोटे 17 टुकड़े कर दिए। इसके बाद शरीर के अंगों को अलग-अलग जगह फेंककर घर लौट आए थे। मृतक के परिजनों ने जब इन लोगों से पूछा तो बताया कि वह किशोर को गांव के पास लगे एक टॉवर के पास छोड़ कर आए थे। इस मामले का खुलासा करने वाल टीम में सीओ हर्षिता तिवारी, अपराध निरीक्षक मनोज आदि शामिल रहे।
- डीएनए जांच से होगी पुष्टि
पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने बताया कि मृतक के शरीर के 17 अंग बरामद हुए हैं। अंग मृतक किशोर के ही है, या किसी और का। इसके लिए बरामद अंग को डीएनए जांच के लिए भेजा जा रहा है।
- इन जगहों पर फेंके अवशेष
पुलिस द्वारा किशोर के जूते मझौवा स्थित सरकारी तालाब, पैंट, शर्ट और जैकेट कृपाराम के खेत से और शरीर की 17 हड्डियां विनोद के खेत से बरामद की है।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मामला
एसपी के अनुसार किशोर की निर्मम तरीके से हत्या करने के मामले में दोनों हत्यारोपियों का ट्राॅयल फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा, जिससे जल्द से जल्द हत्यारोपियों को सजा मिल सके।
- ट्रैक्टर मालिक के यहां मजदूरी करता था किशोर
मृतक के परिजनों के मुताबिक ट्रैक्टर मालिक संजय दूसरे के खेतों की जोताई का काम करता था। विक्रम और लवकुश उसके यहां मजदूरी कर सहयोग करते थे।