रिसिया (बहराइच)। जिम्मेदार अधिकारी अपने खास मातहतों पर इस कदर मेहरबानी दिखा रहे हैं कि उनके लिए शीर्ष अधिकारी का आदेश भी कोरा कागज साबित हो रहा है। इसका उदाहरण रिसिया विकासखंड के रायपुर कबूला ग्राम पंचायत में देखने को मिला है। यहां डीएम के आदेश के बाद भी जिम्मेदारों ने सचिव पर केस दर्ज नहीं करवाया है।
रिसिया ग्राम पंचायत के ग्राम रायपुर कबूला में कूड़ा उठाने के लिए ऑटो रिक्शा की खरीद की गई थी। खरीद के बाद कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि पंचायत सचिव ने खेल कर ऑटो रिक्शा खरीद का भुगतान चहेती फर्म को कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने इसकी शिकायत डीएम मोनिका रानी से की थी। इस पर डीएम ने बीडीओ रिसिया को संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने का आदेश दिया था। बीडीओ ने कार्रवाई के लिए एडीओ पंचायत गुलाम जिलानी को निर्देशित किया था। बावजूद इसके अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके बाद से ग्रामीण एडीओ पंचायत पर सचिव को बचाने का प्रयास करने का आरोप लगा रहे हैं।
केस दर्ज नहीं करवा रहे एडीओ पंचायत : बीडीओ
बीडीओ रिसिया सुरेश कुमार गौतम ने बताया कि सचिव सोएब को दिसंबर में ही रायपुर कबूला गांव से हटा दिया था। बावजूद इसके वह फरवरी तक ग्राम पंचायत में भुगतान करता रहा और ऑटो खरीद का पैसा गलत फर्म को ट्रांसफर कर दिया। इसकी शिकायत डीएम से होने के बाद एडीओ गुलाम जिलानी को केस दर्ज करवाने के लिए निर्देश दिया था। लेकिन एडीओ केस दर्ज नहीं करवा रहे हैं। वह ऐसा क्यों कर रहे हैं, मुझे नहीं पता।