नवाबगंज। चनैनी गांव में चौथे दिन भी बाघ के चहलकदमी करने की आशंका से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना रहा। सुरक्षा के मद्देनजर ग्रामीण पूरी रात रतजगा करने के लिए मजबूर हैं। शनिवार को हिंसक जानवर ने गांव के बाहर एक बछिया का शिकार कर लिया था। इसके बाद ग्रामीण आग जलाकर और बाइकों की लाइट जलाते हुए हांका लगाते रहे।
बृहस्पतिवार को चनैनी गांव के लोगों ने आम के बाग में बाघ को चहलकदमी करते हुए देखा था। ग्रामीणों के हांका लगाने और शोर मचाने के बाद बाघ ने दो लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था, इसके बाद वह निकटवर्ती अब्दुल्लागंज जंगल की ओर चला गया। हालांकि इसके बावजूद चनैनी, इटहवा, बनकसही, सती जोर, जमादार गांव, सोनपुर सहित आसपास के गांवों में बाघ की दहशत बनी हुई है।
ग्रामीण मुकद्दर खां, गोदानी सहित अन्य लोगों ने बताया कि पूरी रात चनैनी और इटहवा गांव के लोग अपने-अपने घरों में जागते रहे। बाघ के भय के कारण किसान खेतों में जाने से भी कतरा रहे हैं।
इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी अब्दुल्लागंज पंकज साहू ने बताया कि लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। रात में सूचना मिलने पर वन विभाग की पूरी टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को जंगल के समीप न जाने के लिए समझाया गया।
उन्होंने बताया कि बाघ भटक गया है और पानी भरा होने के कारण नेपाल की ओर नहीं जा पा रहा है। जंगल क्षेत्र में कॉम्बिंग अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान डिप्टी रेंजर शम्भूनाथ यादव, वन दरोगा सुरेश कुमार, देव वर्मा व मनोज तिवारी सहित वन रक्षक मौजूद रहे।