जंगल सुरक्षा अभियान के तहत कतर्नियाघाट फ्रेंडस क्लब के सदस्य सोमवार सुबह भ्रमण पर निकले थे। इस दौरान कतर्नियाघाट रेंज क्षेत्र में उन्हें एक बाघ दिखाई पड़ गया। बाघ दहाड़ मारते हुए सड़क पार कर रहा था। दहाड़ते हुए बाघ को देख खौफ के साथ क्लब के सदस्यों ने रोमांच का अनुभव किया।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र इस समय पर्यटकों के लिए बंद है। जंगल की सुरक्षा और संरक्षा के लिए जंगल से जुड़ी संस्थाएं सक्रिय हैं। कुछ दिनों से बाघ और तेंदुओं की आमद रिहायशी इलाकों में बढ़ी है। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थितियां उत्पन्न होने की आशंका है।
उसी के मद्देनजर जंगल से सटे गांव के लोगों को जागरूक करने के लिए सोमवार को कतर्नियाघाट फ्रेंड्स क्लब के अध्यक्ष भगवानदास लखमानी, हर्षिता लखमानी लखनऊ से आए मनोज यादव, सुमित तिवारी, दीपक शुक्ला आदि भ्रमण पर गए थे।
गेरुआ नदी के तट से होकर बिछिया की ओर जाते समय जेट्रोफा के जंगल के निकट उन्हें एक बाघ सड़क पार करता दिखा। दहाड़ भी मार रहा था। यह देख कार सवार क्लब के सदस्य रोमांचित हो उठे। वे दहशतजदा भी हुए। इसके बावजूद उन्होंने बाघ को कैमरे में कैद किया। लखमानी ने बताया कि उस दौरान बाघ तीन बार दहाड़ा।
इससे मौजूद सभी लोग सहम गए। हालांकि उसके बाद बाघ सड़क पार कर झाड़ियों में चला गया। बताया कि बाघ से सामना होने के बारे में वन विभाग के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया। इसके बाद गांव में पहुंचकर ग्रामीणों को भी बाघ की प्रकृति से अवगत कराते हुए सुरक्षा और संरक्षा के सुझाव दिए गए।