मिहींपुरवा। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर वन रेंज में सोमवार सुबह स्कूल जा रहे बच्चों को सड़क किनारे जंगल में एक बाघ बैठा दिखा। अचानक सामने बाघ देख बच्चे घबरा गए और चीखने-चिल्लाने लगे। बच्चों की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने हांका लगाया, इसके बाद बाघ घने जंगल में चला गया। घटना से इलाके में दहशत का माहौल है।
मिहींपुरवा विकास खंड के ग्राम खड़िया व उसके मजरे गौंडापुरवा जंगल के किनारे बसे हैं। सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बजे प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूल के बच्चे समूह में गौंडापुरवा से खड़िया स्थित विद्यालय जा रहे थे। उसी दौरान जंगल से सटी सड़क के किनारे बाघ बैठा दिखाई दिया।
पहले बच्चे ठिठक गए, फिर डर के कारण जोर-जोर से चिल्लाने लगे। बच्चों की आवाज सुनकर आसपास मौजूद परिजन शोर मचाना शुरू कर दिए। इसके बाद सभी बच्चों को ग्रामीणों ने सुरक्षित विद्यालय पहुंचाया और घटना की जानकारी शिक्षकों को दी।
बच्चों को अकेले न भेजें स्कूल
खंड शिक्षा अधिकारी मिहींपुरवा अजीत कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र जंगल से सटा होने के कारण पहले भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए अभिभावक बारी-बारी से अपनी निगरानी में उन्हें स्कूल लाने-ले जाने की व्यवस्था करें।
वन विभाग की टीम कर रही निगरानी
मोतीपुर वन क्षेत्राधिकारी एसके तिवारी ने बताया कि वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है। क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बच्चों को अकेले जंगल की ओर न जाने दें और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें। फिलहाल वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है।