कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में विचरण करता बाघ। - स्रोत : पर्यटक
बिछिया। खुशनुमा मौसम में कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य इन दिनों पर्यटकों के लिए रोमांच का केंद्र बना हुआ है। जंगल सफारी के दौरान लगातार हो रही बाघ की साइटिंग से आने वाले पर्यटक उत्साहित हैं। वन विभाग और पर्यटन विभाग के अधिकारियों के चेहरों पर भी उत्साह साफ झलक रहा है।
उत्तराखंड से ऋषभ कुमार के नेतृत्व में आए पर्यटकों ने मुख्य द्वार से टिकट लेकर शाम को जैसे ही जंगल सफारी शुरू की, कुछ दूर आगे बढ़ने पर अचानक एक बाघ पगडंडी के किनारे चहलकदमी करता दिखाई दिया। बाघ को इतने करीब और सहज अंदाज में देख पर्यटक दंग रह गए। रोमांचित पर्यटक उस क्षण को कैमरे में कैद करने लगे।
ऋषभ ने बताया कि वे लंबे समय से कतर्नियाघाट आने की सोच रहे थे और उनकी इच्छा थी कि सफारी के दौरान बाघ का दीदार हो। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि जैसे उनकी मनोकामना पूरी हो गई हो। बाघ को इतने करीब देखना उनके लिए जीवन का यादगार अनुभव रहा।
उधर रेंजर आशीष गौड़ का कहना है कि बढ़ती साइटिंग इस बात का संकेत है कि अभयारण्य का वन्यजीव तंत्र मजबूत है और बाघ अपने प्राकृतिक आवास में सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार बाघ की बढ़ती झलकियों से सफारी की बुकिंग में भी तेजी आई है और आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।