रूपईडीहा (बहराइच)। भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित बांके नेशनल पार्क में बाघों और उनके द्वारा शिकार करने वाले जानवरों की प्रजातियों का सर्वेक्षण शुरू हो गया है।
बांके नेशनल पार्क के मुख्य संरक्षण अधिकारी बीरेंद्र कंडेल ने बताया कि करीब दो महीने तक चलने वाले सर्वेक्षण से बाघों की संख्या, उनके रहने का क्षेत्र के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की जाएगी। साथ ही वे किस तरह का भोजन खा रहे हैं उनका भी सर्वेक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण में यह स्पष्ट करने का प्रयास करेंगे कि वास्तव में कितने बाघ हैं। मुख्य संरक्षण अधिकारी ने बताया कि बांके में सर्वेक्षण का काम पूरा होने के बाद बर्दिया में भी बाघों और उनके भोजन की प्रजातियों का सर्वेक्षण किया जाएगा।