बहराइच। बालिका से छेड़छाड़ के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई करते हुए आरोपी को दोष सिद्ध करार देकर तीन साल के कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अरविंद कुमार गौतम की अदालत ने सुनाया।
सुजौली के एक गांव निवासी 10 वर्षीय बालिका 28 जून 2022 को अपने घर से खेत की निगरानी करने निकली थी। रास्ते में कीचड़ होने के कारण गांव निवासी तुलसी (30) ने उसे कीचड़ पार कराने के बहाने उठा लिया और छेड़छाड़ की। विरोध करते हुए बालिका ने आरोपी की बांह पर दांत से काट लिया। शोर मचाते हुए पास से गुजर रहे एक व्यक्ति के पास पहुंच गई। राहगीर को देखकर आरोपी तुलसी मौके से भाग निकला।
बालिका ने घर पहुंचकर घटना की जानकारी अपनी मां को दी। इसके बाद 2 जुलाई 2022 को थाना सुजौली में आरोपी तुलसी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई। विवेचना कर पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी तुलसी को दोषी करार देते हुए तहत तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दोषी को पांच माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।