बहराइच। उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के आह्वान पर मंगलवार को जिले के तीन हजार स्कूलों में तालाबंदी कर शिक्षकों ने धरना-प्रदर्शन किया। मांगों को लेकर प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों के शिक्षक हड़ताल पर रहे तो माध्यमिक विद्यालयों के अध्यापकों ने स्कूलों में शिक्षण कार्य ठप कर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। शिक्षक पुरानी पेंशन बहाली समेत आठ सूत्री मांगों को लेकर आंदोलित हैं। प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने नगर मजिस्ट्रेट जयप्रकाश को आठ सूत्री ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शिक्षकों ने सरकार को मांगें पूरी नहीं किए जाने पर आर-पार की लड़ाई की चेतावनी दी है।
उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के आह्वान पर माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालयों के हजारों शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल की। लगभग तीन हजार शिक्षक कलेक्ट्रेट स्थित धरनास्थल पर एकत्रित हुए। धरने की अध्यक्षता माध्यमिक शिक्षक संघ के संरक्षक घनश्याम मिश्रा और संचालन महासंघ के संयोजक डॉ. दीनबंधु शुक्ला ने किया। इस दौरान महासंघ के जिलाध्यक्ष आनंद पाठक ने कहा कि यूपी सरकार शिक्षकों के उत्पीड़न पर उतर आयी है। प्रधानाध्यापकों के पद समाप्त होने से प्रोन्नति का काम भी प्रभावित है।
शिक्षक संघ के जिलामंत्री विजय उपाध्याय ने कहा कि सरकार बेसिक शिक्षा में एनजीओ का हस्तक्षेप बढ़ाती जा रही है, जिससे शिक्षक अपने को अपमानित महसूस कर रहे हैं। संरक्षक केके पांडेय ने कहा कि स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रेरणा एप को लाकर सरकार शिक्षकों के मान-सम्मान को ठेस पहुंचा रही है। संयोजक डॉ. दीनबंधु शुक्ला ने कहा कि माध्यमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के सेवा सुरक्षा के अधिनियम को तोड़मरोड़ कर नया अधिनियम बनाने का काम किया जा रहा है। इस धारा को वापस किए जाने की मांग पर सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही।
माध्यमिक संघ के संरक्षक घनश्याम मिश्रा ने कहा कि सरकार नई पेंशन को समाप्त कर पुरानी पेंशन को तत्काल बहाल करे। धरना-प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने नगर मजिस्ट्रेट जयप्रकाश को आठ सूत्री ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों की हड़ताल से लगभग तीन हजार स्कूलों में ताले लटके रहे। इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजेश तिवारी, मो. अजीब, देवेंद्र सिंह, सगीर अंसारी, पंकज वर्मा, मनीष शर्मा, मृत्युंजय शुक्ला, आसिफ अली, धर्मेेंद्र अवस्थी, प्रदीप पांडेय, बृजेश गुप्ता, चंद्रशेखर नागवंशी, सतीश पांडेय, तनवीर आलम, योगेश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
शिक्षामित्रों ने खोले स्कूल
बेसिक शिक्षा विभाग के 3200 प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों के शिक्षक हड़ताल पर रहे। शिक्षकों के हड़ताल पर रहने के कारण प्राइमरी स्कूलों में कुछ स्थानों पर शिक्षामित्रों ने स्कूल खोला, लेकिन शिक्षकों के न पहुंचने से पठन-पाठन का कार्य प्रभावित हुआ। वहीं, अधिकतर माध्यमिक स्कूलों में ताले ही लटकते रहे।
स्कूलों में प्री परीक्षा भी हुई प्रभावित
यूपी की इंटरमीडिएट और हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा शुरू होने वाली है। परीक्षा से पहले माध्यमिक स्कूलों में प्री परीक्षा आयोजित की जा रही है। शिक्षकों के हड़ताल पर रहने के चलते मंगलवार को कई स्कूलों में होने वाली प्री परीक्षा को स्थगित करना पड़ा, जिससे छात्र मायूस होकर लौट गए।