भेड़िये के हमले से घायल बालिका।
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यूपी के बहराइच में भेड़िये का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को भेड़िये ने अलग-अलग स्थानों पर हमला करके बालिका और दो महिलाओं को जख्मी कर दिया। घायलों को सीएचसी, कैसरगंज पहुंचाकर भर्ती कराया गया है। बालिका की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया।
पहली घटना गोड़हिया नंबर तीन के मजरा प्रधान पुरवा गांव की है। यहां गंगाराम की बेटी अनीता (7) शुक्रवार दोपहर 3 बजे के आसपास अपने घर के आंगन में खेल रही थी। तभी अचानक एक भेड़िया घर में घुस आया। वह बच्ची को जबड़े में दबाकर खींच ले गया। चीख सुनकर परिजन और ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर दौड़े। करीब 400 मीटर दूर खेत तक पीछा करने पर भेड़िया बच्ची को गन्ने के खेत में छोड़कर भाग गया।
हमले में अनीता के पेट, पीठ और हाथ में गहरे घाव हुए हैं। परिजन उसे गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कैसरगंज ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय कुमार सिंह और वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी।
महिलाओं को अस्पताल में कराया गया भर्ती
दूसरी घटना ग्राम पंचायत मंझारा तौकली के बलिराजपुरवा की है। यहां राजू निषाद की पत्नी विमला देवी पर भेड़िये ने हमला करके गर्दन पर गहरा घाव कर दिया। चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़े तो भेड़िया झाड़ियों में घुसकर गायब हो गया। वहीं भृगुपुरवा गांव निवासी राजेश निषाद की मां पर भी भेड़िये ने हमला किया। उनका हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया। दोनों महिलाओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी मिली तो डीएफओ राम सिंह यादव टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि तीनों प्रभावित क्षेत्र में ड्रोन से निगरानी की जा रही है। टीमें लगी हुई हैं। लेकिन, झाड़ियां और गन्ने के खेत होने से दिक्कत आ रही है। फिर भी भेड़िये को पकड़ने की कोशिश हो रही है।
ग्रामीण बोले- अब गांव में रहना हो रहा मुश्किल
ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की लापरवाही से अब गांवों में रहना मुश्किल हो गया है। लोगों में भय और आक्रोश दोनों है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते विभाग ने कार्रवाई नहीं की तो स्थिति और भयावह हो सकती है।