बहराइच। नानपारा क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम ने मात्र तीन साल के ट्रायल में ही मुकदमे का फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में अलग-अलग उम्रकैद की सजा सुनायी गयी है। हालांकि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
नानपारा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 15 वर्षीय लड़की 28 मई 2016 की रात घर से निकली थी, जिसके बाद वह नहीं लौटी। दूसरे दिन उसका शव गांव के बाहर एक पेड़ पर फंदे से लटका मिला। सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई थी।
पिता की तहरीर पर पुलिस ने सर्वजीत यादव, घनश्याम मौर्या, इमरान कबड़िया को नामजद करते हुए गिरफ्तार किया था। एडीजीसी संतप्रताप सिंह ने बताया कि एडीजे अष्टम व विशेेष न्यायाधीश लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की कोर्ट पर यह मामला चला।
एडीजे अमित कुमार पांडेय ने वादी और प्रतिवादी की बहस को सुना। इसके बाद एडीजे ने सामूहिक दुष्कर्म व हत्या को गंभीर अपराध मानते हुए तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है। एडीजीसी ने बताया कि सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे में आजीवन कारावास की सजा दिए जाने का यह जनपद में पहला मामला आया है।