तराई में डेंगू और दिमागी बुखार लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। जिला अस्पताल में भर्ती डेंगू के दो रोगियों की इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि दिमागी बुखार के एक रोगी ने जिला अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया। इनमें एक मृतक बलरामपुर का निवासी है। बुधवार को डेंगू और बुखार से पीड़ित 16 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें चार की हालत नाजुक बताई जा रही है।
तराई में इस बार डेंगू और दिमागी बुखार कहर बरपा रहा है। बीते चार दिन से स्थिति यह है कि प्रतिदिन डेंगू और दिमागी बुखार से किसी न किसी की मौत हो रही है। जिला अस्पताल में तेज बुखार की हालत में दो दिन पूर्व मुर्तिहा के टिकानपुरवा निवासी गुलशन जहां (20) पत्नी सादिक अली को भर्ती कराया गया था।
गुलशन को बुखार के साथ शरीर पर दाने निकल रहे थे। उल्टी आ रही थी। प्लेटलेट्स महज 17 हजार था। नाजुक हालत में इलाज शुरू हुआ, लेकिन बुधवार की दोपहर में गुलशन ने दम तोड़ दिया। उधर दरगाह निवासी उस्मान खान (70) पुत्र घूरे खान को भी डेंगू की चपेट में आने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उनकी भी इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि बलरामपुर के तुलसीपुर निवासी रमेश (10) पुत्र जानकी प्रसाद को दोपहर में परिवारीजन लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। उसे तेज बुखार के साथ झटके आ रहे थे। इलाज शुरू होने के पूर्व ही उसकी मौत हो गई।
वहीं बुखार और डेंगू से पीड़ित अन्य 16 रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें नवाबगंज के रामनरायनपुरवा निवासी कृष्णकुमार (9) पुत्र बुधई, कोतवाली देहात के माफी गांव निवासी अमन (8) पुत्र विनोद, दरगाह के परसौरा निवासी तिलकराम (3) पुत्र तुलसीराम व जरवल कस्बा निवासी मोहम्मद फैजान (5) पुत्र मोहम्मद रफीक की हालत नाजुक बताई जा रही है।
बहराइच में डेंगू का प्रकोप है प्रतिदिन मौतें हो रही हैं। दिमागी बुखार भी कहर बरपा रहा है। डेंगू से अब तक 29 व दिमागी बुखार से 27 लोगों की मौत हुई है, लेकिन स्वास्थ्य महकमे के आंकड़ों में संख्या शून्य है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुणलाल का कहना है कि अब तक 635 बुखार पीड़ितों के परीक्षण किए गए हैं।
इनमें 152 रोगी डेंगू पॉजिटिव मिले हैं। जिले में किसी की मौत नहीं हुई हैं। जो मौतें हुई भी हैं वे लखनऊ व अन्य स्थानों पर। यह रोगी रेफर होकर या अपने आप इलाज कराने लखनऊ गए थे। दिमागी बुखार और डेंगू से हुई मौतों के मामले में पीएचसी और सीएचसी से रिपोर्ट मांगी गई है।
वहीं एक मामले में बौंडी के तकिया गांव निवासी समीरुद्दीन की पत्नी ने बुधवार को बेटे को जन्म दिया था। जन्म के कुछ देर बाद ही उसकी तबियत बिगड़ गई। सांस भी उल्टी चलने लगी। इस पर तत्काल उसे चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती किया गया। परीक्षण के दौरान डॉक्टरों ने बर्थ आइसपाक्सिया होने की पुष्टि की। दोपहर में इलाज के दौरान नवजात ने दम तोड़ दिया।