तराई में दिमागी बुखार और डेंगू का कहर थम नहीं रहा है। डेंगू से पीड़ित एक किशोर और दिमागी बुखार के चलते दो और बच्चों की मौत हो गई। डेंगू की चपेट में बहराइच के साथ ही नेपाल के नागरिक भी हैं। तराई में बदल रहा मौसम डेंगू व दिमागी बुखार का सबब बना हुआ है।
नेपाल में कोहलपुर निवासी हरेंद्र (12) पुत्र गोविंद प्रसाद को सप्ताह भर पूर्व बुखार की शिकायत हुई थी। नेपाल में इलाज के दौरान बुखार ठीक न होने पर परिवारीजनों ने बहराइच में निजी चिकित्सक को दिखाया। परीक्षण के दौरान डेंगू की पुष्टि हुई। इस पर परिवारीजन उसे लेकर लखनऊ ले गए वहां पर इलाज के दौरान रविवार देर रात हरेंद्र ने दम तोड़ दिया।
उधर दो दिन पूर्व दिमागी बुखार से पीड़ित बौंडी निवासी लवकेश (5) पुत्र उमेश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान सोमवार सुबह लवकेश की तबियत बिगड़ गई। उसने भी दम तोड़ दिया। परिवारीजन शव लेकर घर चले गए हैं। वहीं इकौना में बनवारीपुरवा निवासी राम कुमार जायसवाल (5) बुखार से ग्रसित था।
शुरुआत में परिवारीजनों ने उसका स्थानीय डॉक्टरों से उपचार करवाया लेकिन सुधार नहीं हुआ। इस पर उसे दो दिन पूर्व जिला अस्पताल लाकर भर्ती करवाया जहां रामकुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई। उधर, बुखार व डायरिया से पीड़ित 13 और रोगी जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं।
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने बताया कि हिना (2), अमन (7) निवासी गिलौला, सूरज (10) निवासी फखरपुर, फरहान (2) निवासी हरदी की हालत नाजुक है। उन्होंने बताया कि मौसम परिवर्तन के चलते मासूम संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। उनके खान-पान व रहन-सहन पर खास ध्यान देने की जरुरत है।