बहराइच। मिहींपुरवा के रज्जनवा चौकी के पास बुधवार शाम हिरासत में लिए गए दो श्रीलंकाई नागरिकों समेत चारों लोगों से सुरक्षा एजेंसियों ने पूछताछ की। शुक्रवार सुबह लखनऊ से आए आईबी अधिकारियों ने भी उनसे पूछताछ की। इसके बाद श्रीलंका निवासी युवक को वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी देश में छिपकर रहने का आरोपी पाया गया। श्रीलंका निवासी एक अन्य महिला व तमिलनाडु निवासी दो लोगों को क्लीनचिट दे दी गई।
बुधवार को श्रीलंका निवासी एक युवक व एक महिला समेत चार लोगों को सीमा पार कर नेपाल में घुसते समय हिरासत में लिया गया था। पड़ताल के दौरान श्रीलंका निवासी एक युवक के पास समयावधि बीत चुका वीजा व अन्य प्रपत्र मिले थे, जबकि एक श्रीलंकाई महिला के पास से सभी वैध प्रपत्र पाए गए थे।
एक महिला व पुरुष के पास से कोई दस्तावेज नहीं मिला था। पूछताछ के दौरान उनकी भाषा समझ में न आने पर उन सभी के श्रीलंका निवासी होने की संभावना व्यक्त की जा रही थी। ऐसे में तमिल भाषा जानने वाले एसएसबी कर्मियों के माध्यम से उनसे विभिन्न जानकारियां प्राप्त की गईं।
शुक्रवार को लखनऊ से आए आईबी अधिकारियों ने भी उनसे पूछताछ की। इसके बाद श्रीलंका के जाफना से 23 अगस्त 2006 को भारत आए अजीत कुमार को वीजा अवधि बीतने के बाद भी अवैध तरीके से देश में रुकने का दोषी पाया गया, जबकि श्रीलंकाई महिला थिरुसल्लम कौशल्या, तमिलनाडु के मदिरातपल्लम निवासी उनके सहयोगी प्रताप व एक अन्य महिला अधानम सुधागर को क्लीनचिट दे दी गई।
सीओ अमित सिंह ने बताया कि अजीत के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। न्यायालय के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।