बहराइच। दहेज हत्या के तीन दोषियों को बुधवार को एफटीसी न्यायालय ने 10-10 वर्ष कारावास के साथ अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। घटना पांच वर्ष पूर्व ग्राम नगेसरपुरवा दाखिला खेसुआ में घटी थी।
ग्राम मोहना, थाना परसपुर जिला गोंडा निवासी जाकिर ने नौ अगस्त, 2021 को जरवल पुलिस को एक शिकायती पत्र दिया था। जिसमें आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी बेटी शबनम का निकाह वर्ष 2020 में अफसर पुत्र अख्तर निवासी ग्राम नगेसरपुरवा दाखिला खेसुआ थाना जरवल रोड के साथ किया था। निकाह के बाद दहेज के लिए उसके ससुर अख्तर, सास रुकसाना व पति अफसर उन्हें प्रताड़ित करते थे । नौ अगस्त, 2021 को तीनों लोगों ने मिलकर उनकी गर्भवती बेटी की हत्या कर दी।
पुलिस ने मामले की जांच करने के बाद आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम ने तीनों दोषियों को 10-10 वर्ष कारावास व सात हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।