बहराइच के दरगाह शरीफ के जेठ मेले में आने वाले जायरीन को इस बार मेला स्पेशल ट्रेन की कमी खलेगी। पूर्वांचल के जिलों से आने वाले जायरीनं को इस बार सड़क मार्ग से यात्रा करने को मजबूर होना पड़ेगा। गोंडा-बहराइच रेल खंड के आमान परिवर्तन के चलते रूट पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह बंद है। ऐसे में जायरीन को बसों और निजी संसाधनों का सहारा ही लेने को मजबूर होना पड़ेगा। हालांकि रेलवे बहराइच-मैलानी प्रखंड की ट्रेनों में दो से तीन कोच बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
बहराइच के दरगाह शरीफ में लगने वाले जेठ मेले में बड़ी तादाद में जायरीन जियारत के लिए आते हैं। लाखों की संख्या में पूर्वांचल के सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया, जौनपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, गोंडा, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, बिहार समेत अन्य इलाकों से जायरीन मेले में शामिल होने के लिए पहुंचते हैं।
गोंडा-मैलानी प्रखंड पर पहले रेलवे की ओर से ट्रेन संचालित की जाती थी। लेकिन जेठ मेले को देखते हुए रेलवे गोंडा-बहराइच के बीच प्रतिवर्ष मेला स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू कर देता था। रेल खंड पर चलने वाली ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे एक सप्ताह पूर्व ही तैयारियां भी शुरू कर देता था।
सभी ट्रेनों में दो से तीन कोच भी बढ़ाए जाते थे। चित्तौरा झील पर ट्रेन का ठहराव भी होता था, लेकिन बीते अक्तूबर में गोंडा-बहराइच के बीच आमान परिवर्तन के कार्य को देखते हुए रेलवे ने ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया है। इस बार जेठ मेले में पहला मौका है, जब मेला स्पेशल ट्रेन का संचालन रेलवे नहीं करेगा। ट्रेन का संचालन न होने से यात्रियों को निजी साधनों और बसों का ही सहारा रहेगा।
मेला स्पेशल ट्रेन सुबह करीब साढ़े चार बजे गोंडा जंक्शन से बहराइच के लिए रवाना होती थी। जबकि बहराइच से यात्रियों को लेकर यह ट्रेन रात 10:30 बजे के करीब गोंडा जाती थी।
स्टेशन अधीक्षक पीके सिन्हा ने बताया कि गोंडा से मैलानी के बीच नौ जोड़ी ट्रेनों का संचालन होता है। इस रूट पर यात्रियों की संख्या में इजाफा होने की संभावना को देखते हुए सभी ट्रेनों में दो से तीन कोच बढ़ाने का प्रस्ताव रेल अधिकारियों को भेजा गया है।