बहराइच। हिंदी विधि सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों के लिए विधि शब्दावली प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विधिक क्षेत्र में प्रयुक्त कठिन अंग्रेजी शब्दों का हिंदी रूपांतरण कराया गया। हिंदी विधि प्रतिष्ठान के सचिव एवं अपर जनपद न्यायाधीश जलाल अकबर ने प्रतियोगिता संपन्न कराई। इसमें चार दर्जन से अधिक अधिवक्ताओं और एक दर्जन से अधिक न्यायिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता करीब एक घंटे चली।
मुख्य अतिथि जनपद न्यायाधीश राजेश सिंह ने कहा कि बहराइच का न्यायिक परिवार हिंदी सप्ताह को बेहतर तरीके से मनाता है। मजिस्ट्रेट रूपाली तिवारी ने कहा कि भाषा चाहे टूटी-फूटी ही क्यों न हो, अपनी भाषा में अपनत्व का भाव होता है। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष राजेश शुक्ला ने हिंदी के प्रति समर्पण को जरूरी बताया। पूर्व बार अध्यक्ष रामनारायण मिश्र ने हिंदी की महत्ता पर विचार रखे।
अधिवक्ता विमलेंद्र शुक्ला ने हिंदी भाषा के संवर्धन पर गीत प्रस्तुत किया और कहा कि हिंदी को मां की तरह प्यार देना चाहिए। अधिवक्ता काशीनाथ शुक्ला ने कहा कि हिंदी के विकास में फिल्म जगत, साहित्य लेखन और गांवों में होने वाले नौटंकी, सफेरा समेत विभिन्न लोक कार्यक्रमों का योगदान रहा है।
कार्यक्रम का संचालन अनूप श्रीवास्तव ने किया। व्यवस्था अधिवक्ता विजय यादव और रमन सिंह ने संभाली। संस्थान के अध्यक्ष रामछबीले शुक्ला ने सभी प्रतिभागियों और सभागार में मौजूद लोगों के प्रति आभार जताया। मीडिया प्रभारी अनिल त्रिपाठी ने बताया कि 17 सितंबर को तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की श्रुतलेख प्रतियोगिता होगी।
कार्यक्रम में अपर जनपद न्यायाधीश पवन शर्मा, राकेश सिंह, अरविंद गौतम, रामजी बाजपेयी, बालकृष्ण मिश्रा बालू, मोहन मुरारी गौड़, शरद श्रीवास्तव, अपर शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र अवस्थी, नीलू पांडेय, स्वदेश सिंह, श्रीनिवास तिवारी, सुनील जायसवाल, ओंकार सिंह सहित बड़ी संख्या में हिंदी प्रेमी मौजूद रहे।