हरदी की ग्राम पंचायत परसोहना के गंगापुरवा में लगाया गया पिंजरा। -संवाद
बौंडी। परसोहना ग्राम पंचायत के गंगापुर गांव में मंगलवार देर रात बच्चे पर हमला करने वाला वन्यजीव भेड़िया नहीं, बल्कि तेंदुआ निकला है। वन विभाग की टीमों ने गांव के किनारे और खेतों के पास तेंदुए के ताजा पगचिह्न पाए हैं। खुलासे के बाद गांव में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने तीन पिंजरे, पांच ट्रैकिंग कैमरे और ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था की है। साथ ही पांच टीमें इलाके में लगातार गश्त कर रही हैं।
गांव निवासी सोनेलाल का बेटा रोहित (8) मंगलवार शाम करीब पांच बजे घर के पीछे लगे नल से पानी लेने गया था। तभी झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया था। बच्चे की चीख सुनकर परिजन दौड़े और लाठी-डंडे लेकर जानवर का पीछा किया तो तेंदुआ भाग निकला।
रोहित के सिर और हाथ में गहरे जख्म हो गए हैं। उसे मेडिकल कॉलेज बहराइच ले जाया गया, वहां हालत गंभीर होने पर लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि बुधवार सुबह टीम को तेंदुए के पगचिह्न मिले हैं। ग्रामीणों को सतर्क करते हुए गांव के आसपास तीन पिंजरे लगाए गए हैं।
ड्रोन की मदद से इलाके की निगरानी की जा रही है, ताकि तेंदुए के मूवमेंट का पता चल सके। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को सतर्क रहने, बच्चों को अकेले न छोड़ने और शाम के बाद बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। लगातार वन्यजीवों के हमले से महसी और बौंडी क्षेत्र के गांवों में दहशत है।