चरदा। सरकारी अभिलेखों में भले ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था बेहतर होने के दावे किए जा रहे हों, लेकिन सीमावर्ती नवाबगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत खैरहनिया में जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। यहां कई सरकारी हैंडपंप वर्षों से खराब पड़े हैं। वहीं, कुछ जमीन में धंस चुके हैं और कुछ दूषित पानी दे रहे हैं। इससे ग्रामीणों के साथ-साथ राहगीरों और श्रद्धालुओं को भी पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। गांव की पड़ताल में चिंताजनक तस्वीर नजर आई।
गांव में वारिस अली के घर के सामने लगे हैंडपंप का चबूतरा पूरी तरह टूट चुका है। गांव के शमशम अली, साबिर, हफीजुर्रहमान और रियाज बताते हैं कि काफी देर तक चलाने के बाद पानी तो निकलता है, लेकिन वह पीने योग्य नहीं होता। कई बार शिकायत के बावजूद न तो चबूतरे की मरम्मत हुई और न ही पानी की गुणवत्ता की जांच कराई गई। ग्रामीणों का आरोप है कि कागजों में हैंडपंपों की मरम्मत और रिबोर के दावे किए जाते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई काम दिखाई नहीं देता।
जमीन में धंस गया हैंडपंप
खैरहनिया से अब्दुल्लागंज जंगल जाने वाले मार्ग पर असगर अली सलमानी के घर के सामने लगा जल निगम का हैंडपंप सड़क निर्माण के दौरान और नीचे धंस गया। ग्रामीण मुजफ्फर, रज्जब अली, जहीर, मोहर्रम अली और रोजन अली का कहना है कि वर्षों से इसकी मरम्मत नहीं हुई। इससे सैकड़ों ग्रामीणों की प्यास बुझाने वाला हैंडपंप अब बेकार हो चुका है।
दो साल से सूखा हैंडपंप
गांव के बाहर वन विभाग चौकी और कृत्रिम गर्भाधान केंद्र के सामने लगा सरकारी हैंडपंप करीब दो वर्षों से बंद है। श्रीराम, नरेश, पटेश्वर और दयाराम का कहना है कि जंगल से लकड़ी लेकर लौटने वाले मजदूर और राहगीर यहां पानी की उम्मीद में रुकते हैं, लेकिन उन्हें निराश होकर आगे बढ़ना पड़ता है।
आस्था स्थल पर भी पेयजल संकट
गांव की उत्तर दिशा में स्थित कुलदेवी माता गांवट स्थल पर लगा जल निगम का हैंडपंप भी खराब है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, लेकिन हैंडपंप से पानी नहीं निकलता। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
एडीओ पंचायत से जांच करवाकर ठीक कराएंगे
खंड विकास अधिकारी दीपेंद्र पांडेय ने कहा कि खैरहनिया गांव में खराब हैंडपंपों की जानकारी अभी तक नहीं थी। अभी हाल ही में चार्ज संभाला है, आपके माध्यम से जानकारी मिली है। एडीओ पंचायत को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी और जो भी हैंडपंप खराब हैं, उन्हें नियमानुसार ठीक कराया जाएगा।