नेपालगंज रोड रेल लाइन का सीआरएस करते रेल संरक्षा आयुक्त। - स्रोत : विभाग
रुपईडीहा। नेपाल से सटे तराई क्षेत्र के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा। नानपारा-नेपालगंज रोड रेल खंड पर विद्युतीकरण कार्य पूरा होने के बाद ट्रेन का हाई स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस दौरान ट्रेन 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी। रेल अधिकारियों ने परीक्षण को सफल बताते हुए मार्ग को सुरक्षित और मानक के अनुरूप बताया।
परीक्षण सफल होने के बाद बहराइच-नेपालगंज रेल लाइन पर ट्रेनों का संचालन जल्द शुरू होने की उम्मीद है। नेपाल तक के यात्री कम खर्च में महानगरों की यात्रा कर सकेंगे। रेलवे इस मार्ग पर चार ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है, जिनमें दो एक्सप्रेस और दो पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं।
यह रेल खंड करीब 19.33 किलोमीटर लंबा है। इसमें 25,000 वोल्ट एसी क्षमता की लाइन है। रेल संरक्षा आयुक्त प्रणजीव सक्सेना ने मार्ग का निरीक्षण किया। उनके साथ पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) अभय कुमार गुप्ता और मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल भी थे। निरीक्षण के दौरान स्टेशन, पैनल रूम, यार्ड, सिग्नलिंग व्यवस्था, पुल और समपारों की गहन जांच की गई।
आमान परिवर्तन और विद्युतीकरण से यात्रियों को ट्रेन बदलने के झंझट से मुक्ति मिलेगी। किसानों और व्यापारियों के लिए कृषि उत्पादों को महानगरों तक भेजना आसान होगा। डीजल की खपत कम होने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
रेल संरक्षा आयुक्त ने बताया कि परीक्षण सफल रहा। रिपोर्ट भेजी जा रही है। शीघ्र ही ट्रेनों का संचालन नेपालगंज रोड तक किया जाएगा। मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने बताया कि इस खंड पर एक बड़ा पुल, दस छोटे पुल और तीन समपारों पर सीमित ऊंचाई वाले सबवे बनाए गए हैं। यह परियोजना तराई क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
नेपाल के यात्रियों के लिए वरदान
भारत-नेपाल सीमा स्थित नेपालगंज रेलवे स्टेशन के आंकड़ों के मुताबिक करीब 60 प्रतिशत यातायात संसाधनों का उपयोग पड़ोसी मुल्क नेपाल के नागरिक करते हैं। बांके, बर्दिया, दांग, सुर्खेत, कैलाली सहित विभिन्न जिलों से लोग रुपईडीहा होकर हरिद्वार, शिमला, वाराणसी, दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, मुंबई, गोवा जैसे बड़े शहरों का सफर करते हैं।
सफल परीक्षण से स्थानीय लोग भी उत्साहित
रुपईडीहा बाजार निवासी विजय कुमार गुप्ता, राजू मद्धेशिया, संतोष अग्रवाल ने बताया कि ट्रेनों के संचालन से सीमावर्ती यात्रियों को सहूलियत मिलेगी। लंबे समय से लोग ट्रेन संचालन का इंतजार कर रहे थे। शुक्रवार को सफल परीक्षण के बाद उम्मीद है कि अब ट्रेन संचालन शुरू होगा।