फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खेत में बाघ ने महिला को बनाया निवाला

विज्ञापन
बहराइच के कतर्नियाघाट रेंज में बाघ के हमले में महिला की मौत के बाद बिलखते परिजन। - फोटो : BAHRAICH
विज्ञापन
बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के अंतर्गत कतर्नियाघाट रेंज के नारायण टांड़ा गांव निवासी एक ग्रामीण सोमवार को दोपहर घर से निकला था। इसके बाद देर शाम तक वह नहीं लौटा। पति को तलाशने के लिए उसकी पत्नी आसपास के खेतों में गई, तभी जंगल से निकले बाघ ने उसे निवाला बना लिया।
विज्ञापन

देर रात पति घर लौटा। सुबह महिला की तलाश शुरू की गई तो मंगलवार को खेत में उसका क्षत-विक्षत शव मिला। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग अंतर्गत कतर्नियाघाट रेंज की ग्राम पंचायत कारीकोट के मजरा नारायण टांडा गांव निवासी खरपत्तू सोमवार की दोपहर अपने घर से निकला था। जंगल में जाने के बाद वह देर शाम तक नहीं लौटा। शाम तक घर न लौटने पर पति की तलाश करने के लिए उसकी पत्नी पार्वती (50) गांव के बाहर खोजबीन करने गई थी, लेकिन वह भी नहीं लौटी।
विज्ञापन

घर वाले उसकी तलाश में जुट गए। पति भी देर रात घर पहुंच गया, लेकिन रात होने के कारण अधिक दूरी तक खोजबीन नहीं की जा सकी। खोजबीन के दौरान मंगलवार की सुबह गांव के बाहर जंगल से सटे एक खेत में महिला का क्षत-विक्षत शव मिला। उसके शव के करीब बाघ के पदचिन्हों के भी निशान मिले। जिसके बाद बाघ के हमले में मौत की पुष्टि हुई।
सूचना पाकर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक रामजी सिंह ने परिवारीजनों के बयान दर्ज किए। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। महिला की मौत से परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है। बाघ के हमले की पुष्टि होने के बाद गांव के लोग भी दहशत में हैं।
पति को पकड़ ले गए थे वनकर्मी
कतर्नियाघाट के जंगलों में ग्रामीण खरपत्तू गया हुआ था। यहां वनकर्मी गश्त कर रहे थे। वनकर्मियों का कहना है कि वह लकड़ी बीन रहा था। जिसके कारण वे उसे पकड़कर रेंज कार्यालय ले गए थे। हालांकि देर रात उसे चेतावनी के बाद छोड़ दिया गया था।
जांच के बाद परिवारीजनों को दी जाएगी सहायता
कतर्नियाघाट रेंज के नारायण टांड़ा गांव में महिला के बाघ के हमले में मौत होने की सूचना मिली है। मौके पर वनकर्मियों को भेजा गया था। मामले की जांच कराई जा रही है। परिवार की ओर से आवेदन किए जाने पर उन्हें सहायता दिए जाने की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

- पीयूष मोहन श्रीवास्तव, वन क्षेत्राधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें