बहराइच। शहर के महिला पीजी कॉलेज में अमर उजाला की ओर से शुक्रवार को अपराजिता अभियान के तहत कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में विशेषज्ञ के रूप में कॉलेज की गृह विज्ञान विभाग की प्रभारी डॉ. तस्नीम फातिमा जैदी तथा संगीत विभाग की प्रभारी डॉ. अमृता मिश्रा ने छात्राओं के ज्वलंत सवालों के जवाब बेबाकी से दिए।
डॉ. जैदी ने कहा कि शिक्षा, आत्मविश्वास और जागरूकता ही महिला सशक्तीकरण की वास्तविक शक्ति हैं। उन्होंने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने तथा अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के तरीके बताए।
संवाद सत्र के दौरान छात्राओं ने सुरक्षा, सम्मान तथा भविष्य निर्माण से संबंधित अनेक सवाल किए, जिनके उत्तर डॉ. जैदी ने दिए। कुछ छात्राओं ने समस्याओं पर आधारित प्रश्न पूछे, जबकि कुछ ने कॅरिअर तथा सामाजिक सुरक्षा से संबंधित मुद्दे उठाए।
कार्यक्रम में कॉलेज की प्राचार्या प्रो. प्रिया मुखर्जी, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव, डॉ. सरिता यादव, मनीषा गुप्ता तथा डॉ. रीमा शुक्ला का विशेष सहयोग रहा।
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आत्मनिर्भरता से रुकेगा अत्याचार
छात्रा मुस्कान नाग ने कहा कि समाज में महिलाओं पर अत्याचार बढ़ता जा रहा है। इसे कैसे रोका जा सकता है। इस सवाल के जवाब में कहा गया कि आत्मनिर्भरता ही एक ऐसा माध्यम है, जिससे अत्याचार रुक सकता है। हर महिला को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना चाहिए, जिससे कोई उसकी मजबूरी का फायदा न उठाने पाए।
घरेलू हिंसा पर अंकुश कैसे लगाएं
छात्रा शहिना खान ने सवाल किया कि घरेलू हिंसा पर कैसे अंकुश लगाया जा सकता है। इस पर जवाब दिया गया कि घरेलू हिंसा के खिलाफ वर्ष 2005 से ही कानून बनाया गया है। यदि महिलाएं जागरूक हैं, तो वे किसी भी प्रकार की हिंसा को सहने के बजाय पहले चेतावनी दें, उसके बाद कानून का सहारा लें।
जबरन विवाह रोकने का क्या है उपाय
छात्रा शिखा सिंह का सवाल रहा कि अक्सर अभिभावक बेटियों का विवाह जल्दी कर देना चाहते हैं, इसे कैसे रोका जा सकता है। इस पर विशेषज्ञ ने जवाब दिया कि पहला प्रयास अभिभावकों का विश्वास जीतना है। यदि आपके सही रास्ते पर होने के बावजूद दबाव कायम है, तो जागरूकता का प्रदर्शन करते हुए कानून और समाज के संभ्रांत लोगों का सहारा लेना चाहिए।
यदि कोई हमें परेशान करे, तो क्या करना चाहिए
छात्रा ताबा इल्लीन का कहना रहा कि यदि हम सही हैं, फिर भी हमें कोई परेशान करे, तो क्या करना चाहिए। इस पर बताया गया कि ऐसे हालात में बिना समय गंवाए पहले परेशान करने वाले को कड़े शब्दों में चेतावनी देनी चाहिए, फिर भी यदि उसकी हरकत नहीं रुकती है, तो वूमेन पॉवर लाइन का इस्तेमाल करें। अभिभावकों को भी स्थिति से अवगत कराएं।