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Bahraich News: हत्या आरोपी एसओ चला रहा थाना, कार्रवाई की उठी मांग

Sun, 01 Mar 2026 12:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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रामगांव थाना। -संवाद
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बहराइच। रामगांव थाने में बृहस्पतिवार रात पुलिस हिरासत में हुई रामगोपाल श्रीवास्तव (55) की मौत के मामले में नामजद थानाध्यक्ष गुरुसेन सिंह व अन्य पुलिसकर्मी अब भी ड्यूटी पर तैनात हैं। प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद उन्हें अब तक थाने की जिम्मेदारी से नहीं हटाया गया है। नाराज लोगों ने आरोपियों को थाने से हटाए जाने की मांग तेज कर दी है।
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परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद पुलिसकर्मी आनन-फानन शव घर के सामने छोड़कर चले गए। बृहस्पतिवार को पूरी रात परिजन व्यथित रहे और थाना परिसर में हंगामा हुआ। मामले को दबाने के लिए पुलिसकर्मी प्रलोभन और धमकी देते रहे, लेकिन मामला बढ़ता देख पुलिस ने भोर लगभग चार बजे मृतक के पुत्र अनिकेत की तहरीर पर थानाध्यक्ष गुरुसेन सिंह, सिपाही पवन यादव व एक अन्य पुलिसकर्मी के विरुद्ध हत्या, गाली-गलौज और मारपीट की प्राथमिकी दर्ज की थी।



पुलिस ने निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन घटना के दो दिन बाद भी आरोपी थानाध्यक्ष थाने का कार्यभार संभाले हुए हैं। अन्य दोनों नामजद पुलिसकर्मी भी ड्यूटी कर रहे हैं।
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सिविल कोर्ट के शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गिरीश चंद्र शुक्ला के अनुसार, बीएनएस की धारा 103(2) (हत्या से संबंधित प्रावधान) और धारा 352 के तहत दर्ज प्राथमिकी अत्यंत गंभीर श्रेणी में आती हैं। 103(2) में फांसी से आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। जब आरोपित स्वयं थाने में तैनात हों, तो निष्पक्ष जांच प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।


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क्या होनी चाहिए कार्रवाई

- आरोपी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित या लाइन हाजिर किया जाना चाहिए।

- स्वतंत्र एजेंसी या वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष विवेचना कराई जानी चाहिए।
- पोस्टमार्टम व फॉरेंसिक रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।

- पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।



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चल रही है मामले की विवेचना, होगी कार्रवाई
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डीपी तिवारी ने कहा कि मामले की जांच जारी है। विवेचना अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और उसी अनुरूप विभागीय कार्रवाई भी होगी।




पुलिस पहरे में हुआ अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शव को शुक्रवार शाम रामगांव ले जाया गया। मृतक के भांजे हर्षित श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस का पहरा इतना सख्त रहा कि गांव पहुंचने पर परिजनों, विशेषकर महिलाओं को शव को ठीक से देखने तक नहीं दिया गया। आरोप है कि आनन-फानन शव को नवादा गांव स्थित श्मशान स्थल ले जाकर शाम लगभग छह बजे जबरन अंतिम संस्कार करवा दिया गया। दिव्यांग पुत्र आकाश श्रीवास्तव ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील रहा।



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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्राकृतिक मृत्यु व ब्रेन हेमरेज का उल्लेख
रोमगोपाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में मौत का कारण प्राकृतिक बताया गया है। सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट में मस्तिष्क में रक्त का थक्का (क्लॉट) मिलने का उल्लेख है, जिसके चलते ब्रेन हेमरेज की बात कही गई है। प्राकृतिक मौत होने के कारण रामगोपाल का विसरा भी सुरक्षित नहीं किया गया है।


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सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग तेज
परिजनों ने सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। मृतक के भतीजे आयुष और भांजे हर्षित ने कहा कि पुलिस अधिकारी भले ही निष्पक्ष जांच का आश्वासन दे रहे हों, लेकिन जब तक दोषी पुलिसकर्मी खुलेआम ड्यूटी कर रहे हैं, तब तक भरोसा करना कठिन है। उन्होंने कहा कि घटना से संबंधित थाने के सीसीटीवी फुटेज को तत्काल सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
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