नानपारा/मटेरा। तेज रफ्तार कार और कंबाइन हार्वेस्टर के बीच हुई सीधी टक्कर ने रविवार रात सड़क पर मौत का मंजर बिखेर दिया। बहराइच-नानपारा मार्ग पर मटेरा इलाके के डिगिहा पेट्रोल पंप के पास हुए भीषण हादसे में चार दोस्तों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। उनमें एक की हालत नाजुक बनी हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कंबाइन सड़क किनारे खड़ी थी और अचानक सड़क की ओर मुड़ने लगी, तभी नानपारा की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार उससे टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार करीब 20 फीट तक घिसटती हुई सड़क किनारे झाड़ियों में पलट गई। कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और सड़क पर निकल रहे राहगीरों ने उसकी छत उखड़ कर उड़ते हुए देखी। टक्कर के बाद सात फीट की कार लगभग चार फीट में सिमट गई।
घायल शिवम ने बताया कि हादसे के समय सभी दोस्त आपस में बात कर रहे थे, अचानक तेज धमाका हुआ और आंखें के सामने अंधेरा छा गया। एसपी विश्वजीत श्रीवास्तव, एएसपी ग्रामीण दुर्गा प्रसाद तिवारी और मटेरा थाना प्रभारी हरिकेश सिंह तथा कोतवाली नानपारा प्रभारी राजनाथ सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने राहत व बचाव कार्य शुरू कर कार में फंसे सभी लोगों को बाहर निकाला। तब तक चार लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि दो की सांसें चल रही थीं। घायलों को पहले नानपारा सीएचसी ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। एसपी विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि हादसे के बाद भागे कंबाइन चालक की तलाश जारी है।
इनकी हुई मौत
अनिल सिंह (35) ग्राम मुकेरिया, रामगांव
अनिल चौधरी (34) ग्राम मेटुकहा रामगांव
महेंद्र पाल (38) फत्तेपुरवा रामगांव
अल्ताफ अहमद (24) मोहल्ला हमजापुरा दरगाह शरीफ
ये हैं घायल
शिवम श्रीवास्तव (30) निवासी चित्रशाला रोड बहराइच
अश्वनी कुमार (30) और ब्राह्मणीपुरा बहराइच (हालत गंभीर होने पर सोमवार भोर में लखनऊ रेफर)
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
परिजनों के अनुसार, मृतक महेंद्र पाल मेडिकल स्टोर का संचालन करते थे और उनका एक पुत्र है। अल्ताफ अहमद एक नर्सिंग होम में कार्यरत थे, जबकि अनिल कुमार सिंह निजी दवा कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) के पद पर कार्यरत थे। जबकि अनिल चौधरी मेडिकल स्टोर का संचालन करते थे। सभी के परिवारों में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गैस कटर से काटकर निकाला गया शव
- कार हादसे में दम तोड़ने वाले अल्ताफ अनिल का शव बुरी तरह से फंसा हुआ था। पुलिस टीम ने गैस कटर को मंगवा कर कटर के माध्यम से कार के अगले हिस्से को काटकर शव को बाहर निकाला।
रात में पहुंचे शव, अपनों को तलाशने उमड़ी भीड़
रात में जैसे ही पिकअप वाहन से शव मेडिकल कॉलेज पहुंचा अपनों को देखने और पहचानने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हादसे की भयावहता इतनी थी कि कई शवों के चेहरे पहचान में नहीं आ रहे थे। किसी ने कपड़ों से पहचान की तो किसी ने अंगूठी, छल्ले और अन्य निजी सामान देखकर अपने परिजनों को पहचाना। यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि मौके पर मौजूद हर आंख नम हो गई और माहौल पूरी तरह शोक में डूब गया।