रुपईडीहा में सड़क पर अतिक्रमण और जाम में फंसी बसें।
रूपईडीहा (बहराइच)। भारत-नेपाल सीमा स्थित रूपईडीहा कस्बे के बाजार में अतिक्रमण के चलते जाम की समस्या आम हो गई है। अतिक्रमण के चलते मुख्य सड़क पतली होकर किसी गली के मार्ग जैसे हो गई है। इससे वाहन दिनभर जाम से जूझते रहते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी नेपाल से आने वाले विदेशी नागरिकों व रोडवेज यात्रियों को हो रही है। वहीं, जिम्मेदार इसको लेकर मौन बने हुए हैं।
रूपईडीहा कस्बे के बाजार से राष्ट्रीय राजमार्ग 927 गुजरा है, जो अतिक्रमण के चलते काफी पतला हो गया है। जहां व्यापारी सड़क की पटरी पर दुकान का सामान रख देते हैं, वहीं बचे मार्ग पर ठेले-खुमचे वालों का कब्जा है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति रेलवे स्टेशन मार्ग की है। जिसपर एकल मार्ग होने के बाद भी सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमण है और पैदल गुजरना भी दुश्वार हो गया है।
ऐसा तब है, जब इसी मार्ग पर रोडवेज बस अड्डा है और प्रतिदिन काफी संख्या में बसें आती-जाती हैं। अतिक्रमण के चलते रोडवेज बसें घंटों जाम में फंसी रहती हैं। बावजूद इसके स्थानीय पुलिस व प्रशासनिक अमले के अधिकारी मौन बने हैं। जबकि रूपईडीहा नगर पंचायत अध्यक्ष डॉ. उमाशंकर वैश्य जाम व अतिक्रमण से निजात दिलवाने के लिए कई बार उच्चाधिकारों से पत्राचार कर चुके हैं।
यही नहीं, बीते दिनों एसडीएम नानपारा अश्वनी पांडेय ने सफाई अभियान भी चलाया था, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र जैन, हाजी अब्दुल रहीम, संरक्षक रतन अग्रवाल आदि ने बताया कि समस्या निदान न होने पर मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।