बहराइच। भीषण गर्मी में जिले की बदहाल हुई बिजली व्यवस्था मंगलवार को भी नहीं सुधर सकी। भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं को घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, व्यवस्था को पटरी पर लाने में विभाग के कर्मचारियों के भी पसीने छूट रहे हैं। इसके बावजूद शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में बिजली पानी के लिए हायतौबा मची हुई है। मंगलवार को भी सौ से अधिक गांवों में बिजली की समस्या रही। वहीं शहर के विभिन्न मोहल्लों में भी बीते सोमवार से बिजली की आवाजाही लोगों को परेशान किए हुए है।
शहर में अघोषित कटौती जारी
शहर के फायर फीडर, बड़ीहाट, मेवातीपुरा, खत्रीपुरा, पीपल चौराहा, दीवानी कचेहरी, कटी चौराहा, माधवरेती, तिकोनीबाग, छावनी, हमजापुरा, समर्पण हॉस्पिटल में मंगलवार को भी बिजली आपूर्ति ठप रही। वहीं नाजिरपुरा मोहल्ला स्थित सुमैया बाजार के पास तार टूटने से मोहल्ले की कई घंटों तक आपूर्ति ठप रही। फायर स्टेशन फीडर, माधवरेती समेत अन्य कई मोहल्लों में सोमवार से बिजली की आवाजाही मंगलवार को भी पूरे दिन जारी रही। वहीं, समस्याओं का समाधान कराने के लिए बिजलीकर्मी पूरे दिन पसीना बहाते नजर आए, लेकिन लोगों को समस्याओं से निजात नहीं दिला सके।
सीमावर्ती क्षेत्र की 40 हजार आबादी रही प्रभावित
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित नगर पंचायत रुपईडीहा की बिजली आपूर्ति बदहाल हो चुकी है। यहां हल्की तेज हवा व बारिश के नाम पर घंटों बिजली आपूर्ति ठप कर दी जाती है। हालात यह है कि नगर पंचायत में हो रही बेतहाशा बिजली कटौती के यहां का व्यापार पूरी तरह चौपट होने लगा है। उपभोक्ता भी इस भीषण गर्मी में परेशान है। मंगलवार को विभाग की लापरवाही से नगर पंचायत के कई मोहल्ले की बिजली गुल रही। यहां की करीब 40 हजार से अधिक की आबादी बिजली-पानी के लिए परेशान रही।
मिहींपुरवा में भी समस्या बरकरार
जंगल से सटे तहसील मिहींपुरवा की भी बदहाल चल रही बिजली व्यवस्था मंगलवार को नहीं सुधर सकी। मंगलवार को तहसील क्षेत्र के कई स्थानों पर तार टूटने व ट्रांसफार्मर जलने से बिजली आपूर्ति ठप कर दी गई। इससे लोगों को इस भीषण गर्मी में बिजली पानी को लेकर परेशान होना पड़ा।
बिजली कटौती व लो वोल्टेज की बनी है समस्या
हुजूरपुर विकासखंड क्षेत्र के कई गांवों में मंगलवार को बिजली आपूर्ति के दौरान लो वोल्टेज की समस्या बनी रही। गांव निवासी प्रदीप, रामतेज, राकेश कुमार आदि का कहना है जून माह शुरू होते ही यहां बेतहाशा बिजली कटौती का दौर शुरू हो गया है। बिजली आपूर्ति के दौरान लो वोल्टेज की समस्या से सभी बिजली के उपकरण कार्य नहीं करते हैं। हालात यह है इस भीषण गर्मी में पूरी रात जागकर बिताना पड़ रहा है।
मटेरा में पांच से छह घंटे मिल रही बिजली
मटेरा कस्बे के विद्युत उपकेंद्र के 110 गांव को बिजली आपूर्ति की जाती है, लेकिन उपकेंद्र के जिम्मेदारों की लापरवाही से बीते अप्रैल से बिजली व्यवस्था बदहाल है। यहां महज पांच से घंटे ही बिजली आपूर्ति किसी तरह मिल रही है।
बिजलीकर्मियों की जान जोखिम में
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में इस भीषण के दौरान बिजली की समस्या गहराती जा रही है। समस्या को पटरी पर लाने के लिए बिजलीकर्मी दिन रात अपनी जान जोखिम में डालकर बिजली के खंभों व ट्रांसफार्मर पर चढ़ रहे हैं। उनके पास न ग्लव्ज हैं और न ही सेफ्टी बेल्ट है। जिम्मेदार भी अनदेखा बनकर नियमित उनसे काम ले रहे हैं।
ट्रांसफार्मर बचाने के लिए करना पड़ता है शटडाउन
भीषण गर्मी में ट्रांसफार्मर लगातार हीट हो रहे हैं। इसलिए उन्हें बचाने के लिए कुछ समय के लिए शटडाउन करना पड़ता है। जहां-जहां बिजली की समस्या आ रही है, वहां उपभोक्ताओं की सूचना पर विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर समस्या का निस्तारण कराने में जुटी है। उपभोक्ता धैर्य से काम लें। मौसम परिवर्तन होते ही समस्या में काफी हद तक सुधार आ जाएगा। -विजय राजपूत, अधीक्षण अभियंता