राजीचौराहा (बहराइच)। खैरीघाट थाना क्षेत्र में चार माह पूर्व जमीन के विवाद में हुई युवक की हत्या का बदला लेने के लिए मंगलवार को कुछ लोगों ने राजीचौराहा से घर लौट रहे बाइक सवार चाचा और भतीजे पर हमला कर दिया। हमलावरों ने दिनदहाड़े मुख्य चौराहे पर फावड़ा, बेलचा और चाकू से चाचा-भतीजे को गोद दिया। इसमें भतीजे की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, चाचा को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज बहराइच से केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया गया है। वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पाकर एएसपी, एसडीएम, सीओ दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस मामले में एएसपी ने तहरीर मिलने के बाद केस दर्ज कर कार्रवाई करने की बात कही है।
खैरीघाट थाना क्षेत्र के बांसगढ़ी गांव निवासी मनोज वर्मा (45) पुत्र परसू वर्मा और पंचू वर्मा (38) पुत्र हजूर वर्मा रिश्ते में सगे चाचा-भतीजे हैं। यह दोनों बाइक से मंगलवार की दोपहर राजीचौराहा आए हुए थे। कुछ देर बाद दोनों लोग चौराहे से लौट रहे थे। तभी अचानक तीन बाइकों पर सवार करीब छह अज्ञात लोग मौके पर पहुंचे और उन्होंने चाचा और भतीजे पर फावड़े से हमला कर दिया। इसके साथ ही लोहे की राड, चाकू, बेलचा व सरिया से भी मारने लगे।
बाजार में दिनदहाड़े हुई वारदात से अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर महसी चौकी इंचार्ज मनोज कुमार मौके पर पहुंचे। एंबुलेंस बुलाने की तैयारी की जा रही थी, तभी भतीजे पंचू वर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, चाचा मनोज की सांसें चल रही थीं। उसे तत्काल एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज बहराइच भेजा गया। यहां हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने उसे केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया।
परिवारीजन भी मौके पर पहुंचे गए। दोनों के पिता ने आरोप लगाया कि खैरीघाट थाना क्षेत्र के भवानीपुर गांव में चार माह पूर्व हुई दिलीप द्विवेदी (26) की हत्या का बदला लेने के लिए ही वारदात को अंजाम दिया गया है। वारदात की सूचना पाकर एएसपी ग्रामीण रवींद्र कुमार सिंह, एसडीएम एसएन त्रिपाठी, तहसीलदार राजेश वर्मा, सीओ शंकर प्रसाद, एसओ शिवानंद आदि के अलावा बौंडी और खैरीघाट थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। एएसपी ग्रामीण ने बताया कि अभी परिवार के लोगों ने तहरीर नहीं दी है। हालांकि हत्या का बदला लेने के लिए वारदात को अंजाम दिए जाने आरोप लगा रहे हैं। तहरीर मिलने पर मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
एक साल पूर्व हुई थी मारपीट
खैरीघाट के प्रभारी निरीक्षक अरुण द्विवेदी ने बताया कि चार माह पूर्व दिलीप द्विवेदी की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या की गई थी। उनका जमीन का विवाद गांव के ही रामकुमार, अरुण कुमार आदि से चल रहा था। इस वारदात से पहले करीब एक साल पूर्व दोनों पक्षों में जमीन के विवाद को लेकर मारपीट हुई थी। उसमें मनोज वर्मा भी नामजद था। उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
महिलाओं ने रंग न लगाने की खाई थी कसम
गांव के लोगों का कहना था कि दिलीप द्विवेदी की हत्या के बाद उसके परिवार की महिलाएं काफी आक्रोशित थीं। उन्होंने हत्या का बदला नहीं लिए जाने तक अपने पैरों में कभी भी रंग न लगाने की कसम खा ली थी। माना जा रहा है कि इस कसम को पूरा किए जाने के लिए वारदात को अंजाम दिया गया है।