कतर्नियाघाट के बाजपुर बनकटी में वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजड़े में कैद तेंदुआ।
मिहींपुरवा (बहराइच)। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ग्राम बाजपुर बनकटी के मजरा सीतारामपुरवा में छह दिन पहले सात साल के अभिनंदन को मौत के घाट उतारने वाला तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में शुक्रवार की सुबह कैद हो गया। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वहीं, ग्रामीणों में चर्चा है कि अभी कई तेंदुए खेतों में मौजूद हैं।
बीते शनिवार को ग्राम बाजपुर बनकटी के सीतारामपुरवा गांव के पास परिजनों के साथ खेत गए मासूम अभिनंदन को तेंदुए ने हमला कर निवाला बना लिया था। जिसके बाद ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग द्वारा सीतारामपुरवा गांव के पास गन्ने के खेत के किनारे एक पिंजरा रविवार को लगाया गया था। लगभग पांच दिनों तक चकमा देने के बाद आखिरकार तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया।
पिंजरे में बांधी गई बकरी को खाने के चक्कर में वह उसमें कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर से गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है। उसे देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ एकत्रित हो गई।
वन विभाग द्वारा पिंजरे में कैद तेंदुए को ट्रैक्टर-टॉली से कतर्नियाघाट वन रेंज लाया गया है। मौके पर ग्रामीणों के साथ मौजूद ग्राम बाजपुर बनकटी के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रदीप ने बताया कि इस समय गांव के किनारे खेतों में कई तेंदुए दिख रहे हैं। एक तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में कैद हुआ है, लेकिन क्षेत्र के खेतों में अन्य तेंदुए भी मौजूद हैं, जिससे अभी पिंजरा लगाने की आवश्यकता है।