बहराइच/बौंडी। लोधन पुरवा गांव से बृहस्पतिवार को भेड़िये द्वारा शिकार की गई तीन वर्षीय बच्ची जाह्नवी का पांचवें दिन भी पता नहीं चल सका है। घटना स्थल से दो किमी दूर कुछ हड्डियां वन कर्मियों को मिली हैं। गम और चिंता से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।
बृहस्पतिवार को हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद से वन विभाग की टीम दिन-रात इलाके में गश्त कर रही है। ग्रामीण भी बड़ी संख्या में खोजबीन में लगे हैं। इस बीच एक भेड़िया को वन विभाग ने गन्ने के खेत में घेर कर गोली मारी थी, लेकिन बच्ची का कोई सुराग अब तक नहीं लग सका है। टीमों ने खेतों, जंगल के किनारों और आसपास की झाड़ियों में गहन तलाशी अभियान चलाया, मगर सफलता हाथ नहीं लगी।
खोजबीन के दौरान रविवार को वन विभाग को घटनास्थल से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर कुछ हड्डियां मिलीं। आशंका जताई जा रही है कि ये हड्डियां बच्ची की भी हो सकती हैं। विभाग ने हड्डियों को सुरक्षित करते हुए परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है, ताकि पुष्टि हो सके कि वे किसकी हैं।
घटना के बाद से लोधन पुरवा गांव में दहशत का माहौल है। परिजन उम्मीद और डर के बीच लगातार जंगल और आसपास के क्षेत्रों में भटक रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के आसपास कई दिनों से भेड़ियों का आतंक बढ़ गया था, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने समय रहते ध्यान नहीं दिया।
डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है, घटना के बाद से ही आसपास के जंगल क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। उन्होंने बताया कि हड्डियों की रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई तय की जाएगी।