बहराइच/बिछिया। कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग की गेरुआ नदी एक बार फिर विदेशी मेहमानों के कलरव से गूंज उठी है। ठंड की दस्तक के साथ ही साइबेरिया और अन्य ठंडे देशों से प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू हो गया है। नदी में सुर्खाब के बड़े-बड़े झुंड तैरते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र चहचहाहट और प्राकृतिक सुंदरता से सराबोर हो उठा है।
फ्रेंड्स ऑफ कतर्नियाघाट संस्था के प्रमुख बीडी लखमानी के नेतृत्व में सोमवार को संस्था की टीम बर्दिया गांव के पास वन्यजीव संरक्षण कार्य के सिलसिले में गई थी। मंगलवार की सुबह लौटते समय टीम को आंबाघाट के पास गेरुआ नदी में साइबेरियन सुर्खाब के झुंड तैरते हुए दिखे। संस्था के वन्यजीव फोटोग्राफर अमन लखमानी ने इन दुर्लभ नजारों को अपने कैमरे में कैद कर लिया।
बीडी लखमानी ने बताया कि इस वर्ष पर्यावरण की स्थिति में सुधार और समय पर ठंड शुरू होने के कारण नवंबर के आरंभ में ही प्रवासी पक्षियों का आगमन हो गया है। सबसे पहले सुर्खाब पक्षी कतर्नियाघाट पहुंचते हैं और आने वाले दिनों में नीलसर, लालसर, सींकपर, अबलक समेत कई अन्य प्रजातियों के विदेशी पक्षी भी यहां दिखाई देंगे।
उन्होंने कहा कि ये पक्षी हजारों किलोमीटर की यात्रा कर साइबेरिया से उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका, लद्दाख और हिमालय की ऊंची पहाड़ियों को पार करते हुए यहां पहुंचते हैं। सर्दियों में ये पक्षी गेरुआ नदी और आसपास के जलाशयों में जलक्रीड़ा करते नजर आते हैं, जो पर्यटकों और फोटोग्राफरों के लिए बेहद आकर्षण का केंद्र होते हैं।
साइबेरियन पक्षियों की सुरक्षा के लिए विशेष टीम गठित
कतर्नियाघाट के रेंजर आशीष गौड़ ने बताया कि प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में चौकसी बढ़ाई गई है और स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे इन पक्षियों के प्रवास के दौरान शोर या प्रदूषण न फैलाएं। पक्षियों की सुरक्षा को देखते हुए विशेष निगरानी टीम गठित की गई है, ताकि इन विदेशी मेहमानों को किसी तरह की परेशानी या शिकार का खतरा न हो।