नामांकन पत्र की जांच करते अधिकारी
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विधानसभा चुनाव जिले में पांचवें चरण में होना है। इसके लिए सोमवार को नाम वापसी का अंतिम दिन था। इसे लेकर कलेक्ट्रेट में सुबह से ही गहमागहमी रही। इस दौरान शाम तीन बजे तक पांच प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस ले लिए। इनमें भाजपा के दो बागी भी शामिल हैं। पांच प्रत्याशियों की नाम वापसी के बाद अब चुनावी मैदान में महज 69 प्रत्याशी बचे हैं। इसके साथ ही सातों विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। वहीं, राजनीतिक पंडित भी अपने गुणा-गणित में जुट गए हैं।
विधानसभा चुनाव की जारी अधिसूचना के तहत सोमवार को नामांकन पत्र वापसी का अंतिम दिन था। इसे लेकर सुबह 10 बजे से ही कलेक्ट्रेट में सातों विधानसभा क्षेत्रों के पटल पर गहमागहमी दिखी। लोगों की निगाहें नाम वापसी पर टिकी हुई थीं।
शाम तीन बजे तक पांच प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र वापस लिए। इनमें बलहा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के बागी बनकर नामांकन कराने वाले अक्षयवरनाथ कनौजिया, सरोज सोनकर और पयागपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक मुकेश श्रीवास्तव के भाई बालेंद्र श्रीवास्तव शामिल हैं।
इसके अलावा बहराइच सदर सीट से राष्ट्रीय लोकदल से परचा दाखिल करने वाले मौलाना वलीउल्लाह और महसी सीट से राम आधार निषाद ने अपना नामांकन पत्र वापस लिया। गौरतलब हो कि जिले की सात विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ने के लिए कुल 81 उम्मीदवारों ने परचा भरा था। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान सात प्रत्याशियों के परचे अभिलेखों के अभाव में खारिज हुए थे।
इसके चलते 74 प्रत्याशी मैदान में थे। लेकिन सोमवार को पांच और प्रत्याशियों के नाम वापसी के बाद अब 69 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी विद्याशंकर सिंह ने बताया कि नाम वापसी के बाद चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। शेष सभी 69 प्रत्याशियों की सूची चुनाव आयोग को भेजी जा रही है। उसी के अनुरूप अब ईवीएम में प्रत्याशियों के नाम, चुनाव चिन्ह आदि की व्यवस्था की जाएगी।