ककरहा रेंज के सेमरहना में तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा। -स्रोत : विभाग
मिहींपुरवा (बहराइच)। कतर्नियाघाट रेंज के ग्राम सेमरहना और ग्राम टेपरा खैरी में आतंक का पर्याय बना तेंदुआ नौ दिन बाद भी पिंजरे में कैद नहीं हो सका है। तेंदुए के न पकड़े जाने से ग्रामीणों में दहशत बरकरार है। ग्रामीण तथा वन सुरक्षा कर्मी दिन रात पहरेदारी और रात में गश्त कर रहे हैं।
ग्राम सेमरहना निवासी 14 वर्षीय बालिका संजना 29 जुलाई को खेत से लौटते समय तेंदुए के हमले का शिकार हो गई थी। इस घटना के महज दो दिन बाद 31 जुलाई को टेपरा खैरी निवासी 45 वर्षीय किसान महेश यादव अपने मवेशियों को चारा डाल रहे थे, तभी तेंदुए ने उन पर भी हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
दोनों घटनाओं के बाद वन विभाग ने गांव के निकट तेंदुए को पकड़ने के लिए दोनों घटनास्थल पर पिंजरा लगाया और टीमों को गश्त पर करने के निर्देश दिए, लेकिन पिंजरा लगे हुए नौ दिन बीत गए हैं और हाथ कुछ न लगा। वन क्षेत्राधिकारी डीपी कनौजिया ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए टीम निगरानी कर रही है। दोनों स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं, लेकिन तेंदुआ पिंजरे की ओर रुख नहीं कर रहा है, शीघ्र ही कांबिंग जाएगा।