17वीं विधानसभा गठन के लिए सोमवार को जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों के 69 प्रत्याशियों का भाग्य कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ईवीएम में कैद हो गया। देर शाम तक गहमागहमी के बीच 59.50 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले। एक बार फिर फर्स्ट क्लास पास होने से बहराइच के मतदाता वंचित रह गए। दिन में कई बूथों पर अव्यवस्थाएं रहीं। इस पर प्रेक्षक ने फटकार भी लगाई। 13 स्थानों पर ईवीएम में गड़बड़ी के चलते कहीं आधा तो कहीं एक घंटे मतदान प्रभावित रहा।
विधानसभा चुनाव को लेकर सोमवार को पांचवें चरण में बहराइच में मतदान हुआ। बहराइच सदर, बलहा सुरक्षित, महसी, पयागपुर, कैसरगंज, नानपारा, मटेरा विधानसभा क्षेत्रों में 69 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें 25 प्रत्याशी निर्दलीय व तीन महिला प्रत्याशी शामिल हैं। 2437 बूथों पर सुबह सात बजे से देर शाम तक मतदान की प्रक्रिया चली। लेकिन मतदाताओं की सुस्ती का आलम यह रहा कि देर शाम तक वह फर्स्ट क्लास पास नहीं हो सके।
मतदान के उतार-चढ़ाव के बीच मतदाताओं की सुस्ती बरकरार रही। हालात यह रहे कि 69 प्रत्याशियों के भाग्य को मतदाताओं ने ईवीएम में क्लिक तो किया, लेकिन उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरते हुए जिले के मतदाता मतदान में फर्स्ट क्लास पास होने से चूक गए। रिसिया के देवीपुरा मतदान केंद्र के बूथ संख्या 41, 42 पर 1100 मतदाता हैं। यहां सात बजे वोटिंग के साथ ईवीएम में गड़बड़ी हो गई। आधे घंटे बाद दूसरी ईवीएम की व्यवस्था हुई, तब मतदान शुरू हुआ।
महसी के बिसवां में बूथ संख्या 113 पर ईवीएम मॉक पोल के समय ही डाटा इरर बता रही थी। इस पर सेक्टर मजिस्ट्रेट चंद्रमोहन उपाध्याय दूसरी ईवीएम लेकर पहुंचे। सदर विधानसभा क्षेत्र के काजीपुरा मतदान केंद्र पर 9:53 बजे ईवीएम खराब हो गई। आधे घंटे मतदान बाधित रहा। वहीं राजकीय इंटर कॉलेज बहराइच मतदान केंद्र पर प्रत्याशियों के नाम की सेटिंग गड़बड़ होने के चलते झड़प की स्थिति बनी।
जिला निर्वाचन अधिकारी अजयदीप सिंह और एसपी डॉ. मनोज कुमार ने पहुंचकर स्थिति को संभाला। मशीन दुरुस्त हुई, तब मतदान शुरू हुआ। 40 मिनट मतदान बाधित रहा। फखरपुर के अकबरपुर बुजुर्ग मतदान केंद्र पर भी मतदान ईवीएम की गड़बड़ी से प्रभावित रहा। दिकोलिया में बूथ संख्या 125 पर मशीन खराब होने से डेढ़ घंटे मतदान बाधित रहा। दूसरी मशीन आने पर वोटिंग शुरू हुई।
अकबरपुर बुजुर्ग में मशीन खराब होने पर एक घंटे मतदान बाधित रहा। नवाबगंज के ग्राम पंचायत चौगोड़वा के बूथ संख्या 30 पर सुबह सात बजे मतदान शुरू होते ही ईवीएम में तकनीकी खामी आ गई, जिसके चलते मतदान रोक दिया गा। 9:18 बजे दूसरी मशीन आने पर मतदान शुरू हुआ। इस दौरान जोनल मजिस्ट्रेट बलवंत सिंह मतदाताओं को समझाते-बुझाते रहे।
यही स्थिति पयागपुर, विशेश्वरगंज और हुजूरपुर के चार मतदान केंद्रों की रही। सभी बूथों पर पैरामिलिट्री फोर्स के जवान मोर्चा संभाले रहे। देर शाम जब ईवीएम सील की गईं, तब जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली।
अगर कोई मतदाता चुनाव लड़ रहे किसी भी प्रत्याशी को वोट नहीं देना चाहता है तो उसके लिए कंप्लेंट फार्म की व्यवस्था करायी गई थी। इस फार्म को भरकर मतदाता अपना मनोभाव व्यक्त कर सकता था।
निर्वाचन आयोग के निर्देश के तहत सभी बूथों पर इस फार्म की उपलब्धता होनी चाहिए। लेकिन सदर विधानसभा क्षेत्र निवासी अभिषेक ने जब नगर क्षेत्र में स्थित बूथ पर पीठासीन अधिकारी से कहा कि वह किसी भी प्रत्याशी को वोट नहीं देना चाहते। उन्हें कंप्लेंट फार्म दिया जाए। तो पीठासीन अधिकारी ने फार्म की अनुपलब्धता जताई। इसकी शिकायत प्रेक्षक व चुनाव आयोग से भी की गई है।
इंसेट
मतदान का तुलनात्मक आंकड़ा एक नजर में-
वर्ष 2007- 42.8 प्रतिशत
वर्ष 2012- 59.28 प्रतिशत
वर्ष 2017- 59.52 प्रतिशत