महसी में स्पर के कटान को रोकने के लिए चल रहा कार्य।
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महसी (बहराइच)। बेलहा-बेहरौली तटबंध पर तीन माह पूर्व डेढ़ करोड़ की लागत से स्पर का मरम्मतीकरण किया गया था। लेकिन बाढ़खंड की लापरवाही से स्पर कटान में समाहित होने लगा है। कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग के कर्मचारी पेड़ की डाल, झाड़ झंखाड़ व भिलोर के पेड़ डालकर मरम्मत में लगे हुए हैं। सिंचाई महकमे और ठेकेदारों की बंदरबांट की भेंट रकम चढ़ गई है और महकमा लकीर पीटने का काम करता दिख रहा है।
महसी तहसील में बेलहा-बेहरौली तटबंध स्थित है। इस तटबंध से लाखों की आबादी को बाढ़ से सुरक्षा दी जाती है। तटबंध से लगे स्पर नंबर आठ की मरम्मत तीन माह पूर्व एक करोड़ 49 लाख रुपये से की गई थी। लेकिन स्पर मरम्मत में अनियमितता बरती गई। जिसके तहत स्पर के किलोमीटर संख्या 55.700 कटान की जद में आ गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक विभागीय व कार्यदायी संस्था की मिलीभगत से कार्य कागजों पर होकर सिमट गया। अब सरयू नदी की धारा स्पर को अपने आगोश में लेने के लिए तत्पर दिख रही है। स्पर और नदी के बीच की दूरी मात्र दो मीटर बची हुई है। जो किसी भी समय स्पर को निगल सकती है। कटान को देखते हुए जहां बौंडी, सिलौटा, जोगापुरवा, पंडितपुरवा समेत पांच गांवों के लोग दहशत में हैं। ग्रामीणों के मुताबिक यदि स्पर कट जाएगा तो लगभग 15 हजार की आबादी प्रभावित होगी। लेकिन कटान से स्पर को बचाने के लिए बाढ़ के कर्मचारी व अधिकारी बोरियों में मिट्टी, झाड़-झंखाड़ व डाली के द्वारा कटान से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। विभाग द्वारा बबूल, यूकेलिप्टस आदि के पेड़ों की डाल व झाड़ियों को नदी के किनारे फेंककर बचाने की जद्दोजहद की जा रही है।
बराबर रख रहे नजर
नदी लगातार कटान कर रही थी। गुरुवार को कटान नहीं हुई है। स्पर पर नजर बराबर रखी जा रही है। उसे बचाने का प्रयास जारी है। -बीडी पाल, सहायक अभियंता