नवाबगंज (बहराइच)। ग्राम पंचायत रामनगर गुलहरिया के मजरा गुलहरिया निवासी बदलूराम (55) पर शुक्रवार की सुबह सांड़ ने हमला कर दिया। सांड़ ने बदलूराम को तब तक पटका जब तक उनकी मौत नहीं हो गई। मौत की सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया और रोते-बिलखते परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने सांड़ द्वारा कई अन्य लोगों को घायल करने व सूचना के बाद भी ब्लॉक प्रशासन द्वारा सांड़ को न पकड़वाने का आरोप लगाया है।
नवाबगंज क्षेत्र के गुलहरिया निवासी बदलूराम खेती किसानी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। शुक्रवार सुबह वह निबिया गांव नहर पटरी के किनारे लगी धान की नर्सरी को छुट्टा गोवंशों से बचाने गए थे। इस दौरान फसल को नुकसान पहुंचा रहे सांड को उन्होंने भगाने का प्रयास किया तो सांड ने उन पर हमला कर दिया। सांड़ ने बदलूराम को जमीन पर कई बार पटका। जान बचाने के लिए बदलूराम पास स्थित बाग में भाग कर गए और पेड़ पर चढ़ने का प्रयास किया। लेकिन सांड़ ने दौड़ाकर उन्हेंं वहां भी पटका। सांड़ बदलूराम की मौत होने तक उन्हें पटकता रहा। जानकारी पर कई किसान लाठी-डंडा लेकर मौके पर पहुंचे और सांड़ को भगाया और घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दी।
ग्रामीणों ने बताया कि मृतक का बेटा रोजी-रोटी कमाने मुंबई गया है, उसे सूचना दी गई है।
ब्लॉक प्रशासन की लापरवाही से गई जान
बदलूराम की मौत के बाद ग्रामीणोंं में आक्रोश दिखा। ग्रामीणों ने बताया कि बदलूराम को मौत के घाट उतारने से पहले भी सांड़ ने कई ग्रामीणोंं पर हमला कर घायल किया है। इसकी कई बार शिकायत की गई और उसे गोशाला में छोड़ने की मांग की गई। लेकिन जिम्मेदार लापरवाह बने रहे।
मौके पर पुलिस टीम, कानूनगो व लेखपाल मौजूद हैं। घटना की जांच की गई है, लेकिन परिजन पोस्टमार्टम के लिए इंकार कर रहे हैं। बातचीत जारी है।
रमाशंकर यादव, थाना प्रभारी
मिलता है चार लाख रुपये मुआवजा
सांड़ के हमले में किसान की मौत की सूचना पर तहसीलदार नानपारा अंबिका चौधरी मृतक के गांव पहुंचे। उन्होंंने मृतक के परिजनों से पोस्टमार्टम करवाने की अपील की और चार लाख रुपये मुआवजा मिलने की जानकारी दी। लेकिन खबर लिखे जाने तक परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं हुए। तहसीलदार अंबिका चौधरी ने बताया कि सांड़ के हमले में जान जाने पर चार लाख रुपये मुआवजा मिलता है। वहीं अगर मृतक किसान है तो आश्रितों को एक लाख रुपये किसान दुर्घटना बीमा का भी मिलता है। इसे मिलाकर मृतक के परिजनों को कुल पांच लाख रुपये मिलते हैं।