बहराइच। क्लस्टर फैसिटिलेेशन प्रोजेक्ट (सीएफपी) के तहत जिले के दो ब्लॉक चयनित किए गए हैं। इन ब्लॉकों में निर्धन परिवारों की सूची ग्राम्य विकास विभाग और आगा खां फाउंडेशन की मदद से तैयार की जा रही है। इसके बाद सूची शासन को भेजी जाएगी। इस योजना के तहत दोनों ब्लॉक के छूटे लोगों का मनरेगा कार्ड बनेगा। साथ ही उत्तर प्रदेश आजीविका मिशन से जोड़कर निर्धन परिवारों के जीवन स्तर को बदलने की कोशिश की जाएगी।
उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) एवं उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रदेश के आठ अति पिछड़े व दो पिछड़े जिलों के 22 विकास खंडों का चयन क्लस्टर फैसिटिलेशन के तहत हुआ है। इनमें बहराइच के पयागपुर और मिहींपुरवा ब्लॉक को चयनित किया गया है। इन ब्लॉकों के निर्धनतम परिवारों के जीवनस्तर में बदलाव का खाका तैयार करने में ग्राम्य विकास विभाग जुटा है। विकास खंड की ग्राम पंचायतों से 10 सर्वाधिक निर्धनतम परिवारों की सूची तैयार कराई जा रही है। इसका पत्र ग्राम्य विकास विभाग के अपर आयुक्त द्वारा जिला कार्यक्रम समन्वयक व जिलाधिकारी को भेज दिया गया है। जिसमें कहा गया है कि प्रथम चरण के बाद दूसरे चरण में इस योजना को पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी चल रही है। इसके जरिये प्रदेश के करीब पांच लाख निर्धनतम परिवारों के जीवन में नई रोशनी बिखेरने की तैयारी में ग्राम्य विकास विभाग जुट गया है। ग्राम्य विकास विभाग के अपर आयुक्त ने जिला कार्यक्रम समन्वयक/जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मनरेगा व राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत व्यक्तिगत कार्य के लिए निर्धनतम परिवारों की सूची भेजने को कहा है।
उन्होंने कहा है कि इन जिलों के चयनित ब्लॉक में क्लस्टर फैसिटिलेशन प्रोजेक्ट (सीएफपी) के अंतर्गत स्वयंसेवी संगठनों द्वारा कार्य किया जा रहा है। चयनित विकास खंडों की प्रत्येक ग्राम पंचायतों में कार्यरत सीएफपी टीम की सहायता से मनरेगा व उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत व्यक्तिगत कार्य के लिए निर्धनतम परिवारों का चयन किया जाना है। इन परिवारों के चयन में इस बात का ध्यान रखा जाए कि परिवार की महिला (मुखिया) का नाम सूची में दर्ज हो, यदि किसी परिवार में सिर्फ पुरुष मुखिया हो तभी पुरुष का नाम दर्ज किया जाए। निर्धनता मापदंड का भी ख्याल रखा जाए, जिसके कई मापदंड हों, उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाए। लाभार्थी परिवार के पास मौजूद संसाधनों, कौशल व उनकी इच्छानुसार ही मनरेगा के अंतर्गत स्वीकृत व्यक्तिगत कार्य प्रस्तावित किये जाएं। ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक अनिल सिंह का कहना है कि ऐसे निर्धनतम परिवार जिनका जॉब कार्ड नहीं बना है। उनका भी इसके तहत चयन किया जा सकता है। हालांकि ऐसे परिवारों का जॉब कार्ड प्राथमिकता से बनाया जाएगा। एक परिवार को एक से अधिक व्यक्तिगत कार्य दिए जा सकते हैं। लेकिन एक परिवार की समस्त व्यक्तिगत कार्यों की परिसंपत्तियों की कुल लागत 1.25 लाख से दो लाख रुपये तक हो सकती है।
इन जिलों का हुआ चयन
ग्राम्य विकास विभाग के अपर आयुक्त योगेश कुमार के पत्रानुसार चित्रकूट, सोनभद्र, बलरामपुर, चंदौली, श्रावस्ती, फतेहपुर, बहराइच, महोबा, सिद्धार्थनगर व हरदोई जिले के 22 विकास खंड चयनित किए गए हैं। इनमें बहराइच के पयागपुर व मिहींपुरवा ब्लॉक शामिल हैं।
निर्धनतम परिवारों दी जाएगी प्राथमिकता
योजना के तहत सामुदायिक व व्यक्तिगत परिसंपत्तियों का निर्माण कराया जाता है। इनमें बांध का निर्माण, तालाब की खुदाई, मरम्मत, नाली की सफाई आदि शामिल हैं। इनमें निर्धन परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसी के तहत व्यक्तिगत परिसंपत्तियों के निर्माण में निर्धनतम परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनमें गोशाला, पोल्ट्री फ़ार्म का शेड निर्माण आदि शामिल हैं।